श्रीगंगानगर में रेलवे की प्रस्तावित वॉशिंग लाइन के लिए करणी मार्ग से अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई का स्थानीय लोगों ने विरोध किया। सैकड़ों लोग कलेक्ट्रेट पहुंचे, नारे लगाए और धरने पर बैठ गए। लोगों ने एडीएम को ज्ञापन देकर अपने घर नहीं तोड़ने की मांग की। प्रदर्शनकारियों ने एडीएम को ज्ञापन सौंपकर मांग की कि उनके घरों को न तोड़ा जाए। लोगों का कहना था कि वे वर्षों से इसी स्थान पर रह रहे हैं और उनके पास सभी आवश्यक दस्तावेज मौजूद हैं। 30-40 साल से रह रहे गरीब परिवार बसपा नेता देवकरण नायक बने कहा- करणी मार्ग पर पिछले 30-40 साल से गरीब परिवार रह रहे हैं। इन परिवारों के पास सरकार द्वारा जारी राशन कार्ड, बिजली-पानी के कनेक्शन सब कुछ है। लेकिन रेलवे विभाग दावा कर रहा है कि यह जमीन उनकी है और यहां 72 फुट चौड़ी वॉशिंग लाइन बनानी है। रेलवे की ओर से कई बार नोटिस दिए जा चुके हैं। नायक ने कहा- रेलवे लाइन आजाद टॉकीज से 12 एमडी नहर तक जा रही है। लाइन की दोनों तरफ रेलवे की 72-72 फुट जमीन उपलब्ध है। अगर वॉशिंग लाइन के लिए 72 फुट जगह चाहिए तो दोनों तरफ से 36-36 फुट लेकर प्रोजेक्ट पूरा किया जा सकता है। इससे एक तरफ के घर नहीं टूटेंगे और दशकों से बसे गरीब परिवार बेघर नहीं होंगे। एक सप्ताह का दिया अल्टीमेटम प्रदर्शनकारियों ने प्रशासन को एक सप्ताह का अल्टीमेटम देते हुए कहा कि अगर एक सप्ताह में उनकी समस्या का कोई समाधान नहीं हुआ तो वह बिस्तर लेकर कलेक्ट्रेट पर आ जाएंगे और डेरा डालेंगे। जब तक उनकी मांग नहीं मानी जाएगी तब तक विरोध-प्रदर्शन जारी रहेगा। रेलवे की योजना से बढ़ी परेशानी बता दे कि रेलवे की ओर से वंदे भारत जैसी हाई-स्पीड ट्रेनों की मेंटेनेंस के लिए नई वॉशिंग लाइन और अतिरिक्त प्लेटफॉर्म बनाने की योजना है। लेकिन इसके लिए करणी मार्ग पक्ष में अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई से स्थानीय लोग परेशान हैं। जिसके लिए वे लगातार विरोध-प्रदर्शन कर रहे हैं।
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