पंजाब राज्य मानवाधिकार आयोग ने मानवाधिकारों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए हर जिले में कोर ग्रुप बनाने की घोषणा की है। यह बात पंजाब राज्य और केंद्र शासित प्रदेश चंडीगढ़ मानवाधिकार आयोग के सदस्य जतिंदर सिंह शांति ने आज स्थानीय जिला प्रशासनिक परिसर में अधिकारियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं, सरपंचों और अन्य गणमान्य व्यक्तियों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक के दौरान कही। उन्होंने बताया कि मानवाधिकार आयोग राज्य में मानवाधिकारों की सुरक्षा और उल्लंघन के मामलों को गंभीरता से ले रहा है और लगातार कार्रवाई कर रहा है। उन्होंने कहा कि आयोग का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि प्रत्येक नागरिक को संविधान के अनुसार प्राप्त मौलिक अधिकारों की पूर्ण सुरक्षा मिले और किसी भी प्रकार का अन्याय न हो। उआयोग ने मानवाधिकारों की सुरक्षा के लिए कई एडवाइजरी भी जारी की हैं। उन्होंने जानकारी दी कि आयोग प्रत्येक जिले में 15 सदस्यों वाले कोर ग्रुप का गठन कर रहा है। ये ग्रुप मानवाधिकारों की सुरक्षा के लिए कार्य करेंगे और आयोग से संबंधित शिकायतों तथा समस्याओं को उसके संज्ञान में लाएंगे। इन कोर ग्रुप में समाज के विभिन्न वर्गों के लोगों को शामिल किया जाएगा। उन्होंने यह भी बताया कि यदि कहीं भी मानवाधिकारों का उल्लंघन होता है, तो इस संबंध में आयुक्त को लिखित शिकायत दी जा सकती है, जिस पर दो दिनों के भीतर निश्चित रूप से कार्रवाई की जाएगी। आयोग ने मानवाधिकार उल्लंघन की शिकायतों के लिए हेल्पलाइन नंबर 9855475547 भी जारी किया है। श्री शांति ने गैर-सरकारी संगठनों (NGOs) से मानवाधिकार आयोग की आंख और कान बनकर काम करने की अपील की। उन्होंने कहा कि NGOs को मानवता की भलाई के लिए काम करने के साथ-साथ मानवाधिकारों की सुरक्षा में भी सक्रिय रूप से योगदान देना चाहिए। उन्होंने जोर दिया कि NGOs को मानवता की भलाई और उनके अधिकारों की सुरक्षा के लिए प्रशासन का सहयोगी बनकर कार्य करना चाहिए।
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