नकोदर में स्त्री जागृति मंच और पंजाब स्टूडेंट्स यूनियन के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल ने जिला मजिस्ट्रेट और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) जालंधर ग्रामीण को मांग पत्र सौंपा। इसमें नूरमहल ब्लॉक के गांव पबवा में खोले गए शराब के ठेके को हटाने की मांग की गई।
मंच की प्रदेश प्रेस सचिव जसवीर कौर जस्सी, जिला नेता कुलवंत कौर पबवान (पूर्व सरपंच) और पंजाब स्टूडेंट्स यूनियन की रमनदीप कौर ने जिला प्रशासन को चेतावनी दी कि अगर ठेका नहीं हटाया गया तो वह संघर्ष करेंगे। उन्होंने कहा कि यदि गांव की सीमा से शराब का ठेका नहीं हटाया गया तो दोनों संगठन प्रदर्शन के लिए मजूबर होगा। महिलाओं को रहता है सुरक्षा को लेकर खतरा
संयुक्त प्रतिनिधिमंडल ने ज्ञापन में बताया कि जालंधर जिले के नूरमहल ब्लॉक के गांव पबवा की बस्ती के अंदर शराब का ठेका होने के कारण ग्रामीणों को समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। काम के लिए घरों से बाहर निकलने वाली महिलाओं और लड़कियों को शराब पीने वालों से छेड़छाड़ का खतरा रहता है।
शराब पीने वाले लोग गाली-गलौज और झगड़ा करते हैं, तथा महिलाओं के साथ दुर्व्यवहार करते हैं। इससे गांव के शांतिपूर्ण माहौल के बिगड़ने का खतरा हमेशा बना रहता है। इसके अलावा, शराब का ठेका एक पार्क और सरकारी स्कूल के पास स्थित होने के कारण आसपास घूमने वाले लोगों और स्कूली बच्चों पर भी नकारात्मक प्रभाव पड़ रहा है।
पंचायत ने भी ठेका हटाने का प्रस्ताव पारित किया
गांव पंचायत पबवा द्वारा शराब का ठेका हटाने के लिए एक पंचायत प्रस्ताव भी पारित किया गया था। जनहित को ध्यान में रखते हुए बार-बार पंचायत प्रस्ताव पारित करने और मांग पत्र सौंपने के बावजूद, गांव से शराब का ठेका नहीं हटाया गया है। प्रतिनिधिमंडल ने भगवंत मान सरकार के “नशों के खिलाफ जंग” के दावे पर भी सवाल उठाया, क्योंकि उनके शासन में नशीले पदार्थों का कारोबार फल-फूल रहा है।
Discover more from India News
Subscribe to get the latest posts sent to your email.