मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए विधायक रमेश खींची ने फोन पर बताया कि कठूमर प्रधान से जुड़ा विषय राज्य सरकार के स्तर पर विचाराधीन है। ऐसे में किसी व्यक्ति विशेष का नाम लेना तथ्यपरक नहीं है। उन्होंने कहा कि हाल ही में जिला परिषद के सीईओ के आदेश में भी मार्गदर्शन मांगा गया है और प्रक्रिया नियमानुसार चल रही है।
धरना देने वाले पार्टी के खिलाफ
विधायक खींची ने आरोप लगाया कि जो लोग आज जिला परिषद के बाहर धरना दे रहे हैं, उन्होंने लोकसभा और विधानसभा चुनावों में पार्टी के खिलाफ काम किया था, जिसके कई प्रमाण मौजूद हैं। उन्होंने यह भी कहा कि संगम चौधरी को प्रधान बनाने में उन्होंने स्वयं सहयोग किया और पार्टी के निर्देशों का पालन किया, लेकिन आज उन्हें उसी का परिणाम भुगतना पड़ रहा है।
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विधायक ने उठाया सवाल
विधायक ने धरने के समय पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि आज भाजपा के एक वरिष्ठ नेता का निधन हुआ है। यदि धरना देने वाले पार्टी के सच्चे सिपाही होते, तो यह प्रदर्शन किसी अन्य दिन भी किया जा सकता था। उन्होंने यह भी कहा कि जिस तरीके से जिला परिषद के बाहर धरना दिया जा रहा है, उसका कोई ठोस जनाधार नजर नहीं आता। फिलहाल यह मामला राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बना हुआ है और सभी की निगाहें राज्य सरकार के निर्णय पर टिकी हुई हैं।
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