जयपुर में भइयन दास काली कमली वाले बाबा की पार्थिव देह पंचतत्व में विलीन हो गई। उदासीन संप्रदाय के संत गोसेवक बाबा महानिर्वाण कर गए। काली कमली वाले बाबा की अंतिम यात्रा सैकड़ों ग्रामीणों ने 10 किलोमीटर क्षेत्र में निकाली। इसमें बड़ी संख्या में संत समाज और गौसेवक एकत्र हुए। इस दौरान शंखों-घंटियों की ध्वनि के साथ पुष्पवर्षा चलती रही। आतिशबाजी और गुलाल के साथ लोगों ने बाबा की अंतिम विदाई दी। बाबा के निधन पर लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला और मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा ने गहरी संवेदना व्यक्त की और इसे आध्यात्मिक जगत के लिए बड़ी क्षति बताया। सीएम सहित कई बड़े लाेगोंं ने जताया शोक
सिक्किम के राज्यलाल ओमप्रकाश माथुर, केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत, राजस्थान के उपमुख्यमंत्री दीया कुमारी, उपमुख्यमंत्री प्रेमचंद बैरवा, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ सहित कई सांसदों, विधायकों और जनप्रतिनिधियों ने सोशल मीडिया पर संवेदना जताई। उन्होंने बाबा के देहत्याग को आध्यात्मिक जगत के लिए बड़ी क्षति बताया। मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा और राज्य सरकार के कई मंत्रियों ने वीडियो के माध्यम से बाबा के अंतिम दर्शन किए। वहीं बाबा के शिष्य बालमुनि महाराज महावीर दास महाराज उपस्थित रहे। दूसरी तरफ दिवाकर द्वाराचार्य अवधेश दास महाराज और गोसेवक महेश दास महाराज अंतिम यात्रा में साथ उपस्थित रहे। कई बड़े यज्ञ भी करवाए
अलवर जिले की लक्ष्मणगढ़ तहसील के नीमड़ी बिदरका गांव में बाबा करीब 45 साल से निवास कर रहे थे। बाबा काली कमली वाले ने जयपुर जिले के शिवदासपुरा में भी अनेक बड़े यज्ञ करवाए। बाबा का शिवदासपुरा में बड़ा आश्रम है, जहां महाकाली मंदिर भी है और गोशाला की भूमि भी है। जानकारों की मानें तो बाल्यकाल में देवरहा बाबा का भी इन्हें सान्निध्य मिला था। फिलहाल नीमड़ी बिदरका में 150 देसी गायों की गोशाला है। साथ ही महाकाली और शिव पंचायत समेत अन्य मंदिर बने हुए हैं।
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