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Sai Baba Temple In Kota : गढ़ पैलेस स्थित कोटा के साईं बाबा मंदिर की नींव श्री बालू राम जेठी ने 1978 में रखी थी, चमत्कार और श्रद्धा से यह साधारण स्थल अब भव्य मंदिर बन गया, यहां लाइव आरती प्रसारित होती है. शुरुआत में यह एक साधारण पूजा स्थल था, लेकिन धीरे धीरे आसपास के लोग भी वहां आने लगे. आस्था का यह छोटा सा दीपक धीरे धीरे प्रकाश की तरह फैलने लगा.
धीरे धीरे बढ़ी आस्था
शुरुआत में यह एक साधारण पूजा स्थल था, लेकिन धीरे धीरे आसपास के लोग भी वहां आने लगे. आस्था का यह छोटा सा दीपक धीरे धीरे प्रकाश की तरह फैलने लगा. बढ़ती श्रद्धा को देखते हुए एक और छोटी प्रतिमा स्थापित की गई और नियमित रूप से पूजा पाठ का क्रम जारी रहा.
चमत्कार की घटना से बढ़ी मान्यता
मंदिर से जुड़ी एक घटना ने यहां की मान्यता को और मजबूत कर दिया. बताया जाता है कि अंदरगढ़ क्षेत्र में घूमने आए एक परिवार का बच्चा अचानक गुम हो गया. काफी तलाश के बाद भी जब बच्चा नहीं मिला तो किसी ने उन्हें साईं बाबा के मंदिर में प्रार्थना करने की सलाह दी. परिवार ने बाबा से विनती की और कुछ ही समय बाद बच्चा सुरक्षित मिल गया. इस घटना से प्रभावित होकर परिवार ने मंदिर निर्माण के लिए 3200 रुपए की दक्षिणा दी. इसी राशि से यहां एक छोटे मंदिर के निर्माण की शुरुआत हुई.
भव्य मंदिर का स्वरूप
समय के साथ श्रद्धालुओं की संख्या लगातार बढ़ती गई. भक्तों की आस्था और सहयोग से मंदिर का विस्तार होता गया. साधारण पूजा स्थल से शुरू हुआ यह स्थान अब एक भव्य मंदिर का रूप ले चुका है. वर्ष 2002 में यहां साईं बाबा की बड़ी प्रतिमा स्थापित की गई, जिससे मंदिर की भव्यता और बढ़ गई.
लाइव आरती की विशेषता
आज यह मंदिर कोटा का पहला ऐसा साईं बाबा मंदिर माना जाता है, जहां लाइव आरती का प्रसारण भी किया जाता है. प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु यहां दर्शन के लिए पहुंचते हैं.
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नाम है आनंद पाण्डेय. सिद्धार्थनगर की मिट्टी में पले-बढ़े. पढ़ाई-लिखाई की नींव जवाहर नवोदय विद्यालय में रखी, फिर लखनऊ में आकर हिंदी और पॉलीटिकल साइंस में ग्रेजुएशन किया. लेकिन ज्ञान की भूख यहीं शांत नहीं हुई. कल…और पढ़ें
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