स्वास्थ्य विभाग 11 से 31 जनवरी तक जिले के शिक्षण संस्थानों में सीपीआर का विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित करेगा।
स्वास्थ्य विभाग ने शिक्षण संस्थानों में विद्यार्थियों को कार्डियो पल्मोनरी रिपिटेशन (सीपीआर) तकनीक सिखाने का निर्णय लिया है। यह पहल हार्ट अटैक या अन्य आपात स्थितियों में जीवन बचाने में सहायक होगी।
इसके लिए स्वास्थ्य विभाग 11 से 31 जनवरी तक जिले के शिक्षण संस्थानों में विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित करेगा। इस अभियान के तहत छात्रों को सीपीआर का गहन प्रशिक्षण दिया जाएगा।
स्वास्थ्य विभाग ने इस कार्यक्रम के लिए प्रत्येक ब्लॉक से दो चिकित्सा अधिकारी और दो नर्सिंग अधिकारियों को ‘जीवन रक्षक कौशल’ पर गहन प्रशिक्षण दिया है। ये प्रशिक्षित अधिकारी शिक्षण संस्थानों में जाकर विद्यार्थियों को सीपीआर की ट्रेनिंग देंगे।
डूंगरपुर जिले के सीएमएचओ डॉ. अलंकार गुप्ता ने बताया कि राज्य सरकार के निर्देशानुसार बुनियादी चिकित्सा कौशल कार्य के लिए प्रत्येक ब्लॉक से दो डॉक्टर और दो नर्सिंग अधिकारियों को सीपीआर तकनीक का प्रशिक्षण दक्ष प्रशिक्षकों द्वारा दिया गया है।
डॉ. गुप्ता ने बताया कि 10 जनवरी तक ये सभी प्रशिक्षित डॉक्टर और नर्सिंग अधिकारी अपने-अपने ब्लॉक में चिकित्साकर्मियों को सीपीआर का प्रशिक्षण देंगे। इसके बाद, जिले के सभी शिक्षण संस्थानों में विद्यार्थियों को कार्डियो पल्मोनरी रिपिटेशन (सीपीआर) तकनीक सिखाई जाएगी।
इस प्रशिक्षण कार्यक्रम का उद्देश्य छात्रों को आपात स्थितियों में तुरंत और आत्मविश्वास के साथ प्रतिक्रिया देने में सक्षम बनाना है। यह न केवल छात्रों के लिए, बल्कि आम जनता के लिए भी महत्वपूर्ण है, क्योंकि यह जीवन बचाने में मदद कर सकता है।
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