भास्कर संवाददाता | हनुमानगढ़ जिले में पड़ रही कड़ाके की ठंड के चलते स्कूलों में तो शीतकालीन अवकाश चल रहा है लेकिन आंगनबाड़ी केंद्रों में 3 से 6 साल तक के बच्चे अभी भी पहुंच रहे हैं। सरकार ने ठिठुरते इन बच्चों को लेकर अभी तक कोई राहत नहीं दी है। आंगनब
एक ओर शिक्षा विभाग ने शीतलहर को देखते हुए सरकारी व निजी स्कूलों में शीतकालीन अवकाश घोषित कर बच्चों को राहत दी है। वहीं दूसरी ओर महिला एवं बाल विकास विभाग के अधीन संचालित आंगनबाड़ी केंद्रों में न तो अवकाश घोषित किया गया है और न ही संचालन के समय में कोई बदलाव किया है। इसका सीधा असर 3 से 6 वर्ष तक के नन्हे बच्चों पर पड़ रहा है, जिन्हें ठिठुरती सर्दी में रोज आंगनबाड़ी केंद्रों तक पहुंचना पड़ रहा है। स्कूलों में 25 दिसंबर से 5 जनवरी तक शीतकालीन अवकाश घोषित किया गया है, लेकिन महिला एवं बाल विकास विभाग ने अब तक आंगनबाड़ी केंद्रों के लिए तेज सर्दी में भी कोई राहत नहीं दी है।
जिले में कुल 1273 आंगनबाड़ी केंद्र संचालित हो रहे है। इनमें कुल 70 हजार बच्चे पंजीकृत है। इसमें 6 माह से 3 वर्ष के 25581 लड़के तथा 24582 लड़कियां पंजीकृत है। वहीं 3 से 6 वर्ष तक 9742 लड़के और 10019 लड़कियां पंजीकृत है। ये नौनिहाल ठिठुरती ठंड में केंद्रों पर आने को मजबूर है। यहां बच्चों को स्वास्थ्य, स्वच्छता, रंग पहचान, संख्या ज्ञान, पढ़ना-लिखना और बौद्धिक विकास से जुड़ी गतिविधियां कराई जाती हैं। ऐसे में सवाल उठता है कि जब बड़े बच्चों के लिए सर्दी में अवकाश जरूरी है, लेकिन छोटे बच्चों को राहत नहीं दी है। शीतकालीन अवकाश को देखते हुए जयपुर मुख्यालय से तो आंगनबाड़ी केंद्रों की छुट्टी के आदेश जारी हो चुके है। वहीं पड़ोसी जिला श्रीगंगानगर में भी इन दिनों आंगनबाड़ी केंद्रों पर अवकाश घोषित कर रखा है। जबकि हनुमानगढ़ में अभी तक इस तरह का कोई आदेश नहीं है। हालांकि इस संबंध में महिला एवं बाल विकास विभाग के अधिकारियों से बातचीत की तो उन्होंने बोला यह आदेश तो कलेक्टर साहब ही दे सकते हैं। सीमा भाटी, प्रदेश कार्यकारिणी अध्यक्ष, नारी शक्ति, हनुमानगढ़।
ये बोले उपनिदेशक: जिले में रविवार से शीतलहर का दौर शुरू हुआ है। सोमवार से छोटे बच्चों को अवकाश घोषित कर दिया जाएगा। मगर आंगनबाड़ी केंद्र तो खुले रहेंगे। क्योंकि केंद्रों में 365 दिन में 300 दिन बच्चों को पोषण देना जरूरी होता है। ज्योति रेपस्वाल, उपनिदेशक, महिला एवं बाल विकास विभाग, हनुमानगढ़।
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