उदयपुर की पर्वतारोही मनस्वी अग्रवाल ने दक्षिण अमेरिका की सबसे ऊंची चोटी अकोन्कागुआ (7000 मीटर/लगभग 23,000 फीट) पर भारतीय तिरंगा फहराकर नया इतिहास रच दिया है। उन्होंने -30 डिग्री सेल्सियस तापमान और 80 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चल रही बर्फीली हवाओं का सामना करते हुए इस कठिन उपलब्धि को हासिल किया। इस सफलता के साथ मनस्वी अग्रवाल राजस्थान की अर्धसैनिक बल में कार्यरत पर्वतारोही गीता सामोता के बाद अकोन्कागुआ शिखर पर पहुंचने वाली प्रदेश की दूसरी महिला बन गई हैं।
5 महीने में 4 महाद्वीपों की सर्वोच्च चोटियों पर तिरंगा फहराया
मनस्वी अग्रवाल ने इससे पहले पिछले महीने अंटार्कटिका महाद्वीप की सर्वोच्च चोटी ‘विन्सन मैसिफ’ को फतह कर राजस्थान की पहली पर्वतारोही बनने का गौरव हासिल किया था। इसके अतिरिक्त उन्होंने यूरोप की सबसे ऊंची चोटी माउंट एलब्रस और अफ्रीका की सर्वोच्च चोटी किलीमंजारो को भी सफलतापूर्वक फतह किया है। महज पांच माह से भी कम समय में मनस्वी ने विश्व के सात में से चार महाद्वीपों की सबसे ऊंची चोटियों पर तिरंगा फहराकर एक ऐतिहासिक कीर्तिमान स्थापित किया है। उनका लक्ष्य एक वर्ष के भीतर शेष तीन महाद्वीपों की सर्वोच्च चोटियों पर विजय प्राप्त कर ‘सेवन समिट्स’ अभियान को पूर्ण करना है।
भारतीय सेना के संस्थानों से लिया कठोर प्रशिक्षण
मनस्वी ने पर्वतारोहण के लिए कठोर और वैज्ञानिक प्रशिक्षण प्राप्त किया है। उन्होंने माउंटेनियरिंग इंस्टीट्यूट, दिरांग और हिमालयन माउंटेनियरिंग इंस्टीट्यूट (HMI) से बेसिक और एडवांस पर्वतारोहण कोर्स पूरे किए हैं। इन प्रशिक्षणों के दौरान उन्होंने एक माह तक 6500 मीटर से अधिक ऊंचाई पर बर्फीली चोटियों में रहकर अभ्यास किया। ये दोनों संस्थान भारतीय सेना द्वारा संचालित हैं। इसके अलावा वे स्वामी विवेकानंद रॉक क्लाइंबिंग संस्थान से प्रमाणित प्रशिक्षक भी हैं।
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शिक्षा में भी है उत्कृष्टता
पर्वतारोहण के साथ ही मनस्वी अग्रवाल शिक्षा के क्षेत्र में भी अव्वल रही हैं। उन्होंने गुजरात नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी से पांच वर्षीय लॉ डिग्री प्राप्त की है और वर्तमान में वे पर्यावरणीय कानून पर शोध कर रही हैं। हाल ही में उन्होंने यूजीसी द्वारा आयोजित सहायक आचार्य पात्रता परीक्षा को 99.2 पर्सेंटाइल के साथ उत्तीर्ण किया है। इसके साथ ही वे सिंघानिया लॉ कॉलेज में सहायक आचार्य के रूप में अध्यापन भी कर रही हैं।
देश की बेटियों के लिए बनी प्रेरणा
-30 डिग्री तापमान, बर्फीली आंधियों और जानलेवा परिस्थितियों में भी भारतीय ध्वज को शिखर पर लहराकर मनस्वी अग्रवाल ने यह साबित कर दिया कि संकल्प, साहस और समर्पण से कोई भी शिखर अजेय नहीं होता। उनकी यह उपलब्धि देश और प्रदेश की बेटियों के लिए प्रेरणास्रोत बन गई है।
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