भीलवाड़ा जिले के रायला थाना क्षेत्र स्थित रायसिंहपुरा में डेनिम कपड़ा फैक्टरी में बुधवार सुबह बड़ा हादसा हो गया। फैक्टरी के बॉयलर क्षेत्र में काम कर रहे दो मजदूरों की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। प्रारंभिक जांच में बॉयलर से निकलने वाली जहरीली गैस से दम घुटने की आशंका जताई जा रही है। हालांकि मौत के वास्तविक कारणों की पुष्टि पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही हो सकेगी।
मौके पर पहुंचे विधायक
इस घटना से गुस्साए ग्रामीण जिला चिकित्सालय की पुलिस चौकी के बाहर धरने पर बैठ गये। वहां पर मांडल के विधायक उदयलाल भड़ाणा भी पहुंचे व समझाईश कर रहे हैं। इधर कांग्रेस के नेता नरेंद्र रेगर, मनीष गुर्जर व शिवराम खटीक भी धरना स्थल पर पहुंच गये हैं।
पिछले छह महीनों से फैक्टरी में काम कर रहे थे मृतक
जानकारी के अनुसार गजानंद गाडरी (25) पुत्र रामचंद्र, निवासी जिंद्रास (आसींद) और कमलेश गुर्जर (24) पुत्र जीवराज गुर्जर, निवासी नानोड़ी, पिछले छह महीनों से फैक्टरी में काम कर रहे थे। दोनों की ड्यूटी बॉयलर साइट पर लगी हुई थी। बुधवार सुबह करीब 8 बजे अन्य कर्मचारियों ने दोनों को बॉयलर क्षेत्र में जमीन पर अचेत अवस्था में पड़ा देखा। इसकी सूचना तुरंत फैक्टरी प्रबंधन को दी गई। घटना के बाद दोनों मजदूरों को एम्बुलेंस से भीलवाड़ा के महात्मा गांधी अस्पताल पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। मौत की खबर फैलते ही फैक्टरी में अफरा-तफरी मच गई और बड़ी संख्या में मजदूर अस्पताल के बाहर एकत्र हो गए।
सूचना पर रायला थाना प्रभारी मूलचंद पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने दोनों शवों को महात्मा गांधी अस्पताल की मॉर्च्युरी में शिफ्ट करवाया। मृतकों के परिजनों को घटना की सूचना दी गई। परिजनों और मजदूरों ने फैक्टरी प्रबंधन पर गंभीर लापरवाही के आरोप लगाए हैं।
बॉयलर क्षेत्र में की जा रही सुरक्षा मानकों की अनदेखी: ग्रामीण
मजदूरों और ग्रामीणों का आरोप है कि बॉयलर जैसे संवेदनशील क्षेत्र में सुरक्षा मानकों की अनदेखी की जा रही थी। उनका कहना है कि फैक्टरी में बॉयलर संचालन के लिए कोई प्रशिक्षित ऑपरेटर नियुक्त नहीं किया गया था। सामान्य मजदूरों से ही बॉयलर चलवाया जा रहा था, जो हादसे का कारण बना। मजदूरों का यह भी कहना है कि फैक्टरी में पहले भी गैस और करंट से जुड़े हादसे हो चुके हैं, लेकिन प्रबंधन ने कभी ठोस सुरक्षा इंतजाम नहीं किया।
पुलिस को पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार
हादसे के बाद गुस्साए मजदूरों और ग्रामीणों ने अस्पताल और पुलिस चौकी के बाहर प्रदर्शन किया। उन्होंने मृतकों के परिजनों को उचित मुआवजा देने और मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की। स्थिति को देखते हुए प्रतापनगर, रायला और मांडल थानों की पुलिस मौके पर तैनात की गई है। पुलिस लगातार लोगों को समझाइश कर रही है ताकि कानून-व्यवस्था बनी रहे। रायला थाना प्रभारी मूलचंद ने बताया कि रायसिंहपुरा स्थित सीताराम डेनिम फैक्टरी में दो मजदूरों की मौत की सूचना मिली थी। प्रथम दृष्टया बॉयलर से गैस रिसाव की आशंका है, लेकिन वास्तविक कारणों का पता पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के बाद ही चल सकेगा। परिजनों की रिपोर्ट के आधार पर मामला दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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फैक्टरी मालिक से नहीं हो पाया संपर्क
पुलिस फैक्टरी मालिक से लगातार संपर्क करने का प्रयास कर रही है, लेकिन उनका मोबाइल फोन स्विच ऑफ आ रहा है। इस कारण उनसे बातचीत नहीं हो पाई है। वहीं, ग्रामीणों का आरोप है कि फैक्टरी प्रबंधन की लापरवाही के कारण मजदूरों की जान गई है और इस तरह की घटनाएं भविष्य में भी हो सकती हैं यदि सुरक्षा मानकों को गंभीरता से लागू नहीं किया गया। फिलहाल पुलिस ने फैक्टरी परिसर को सुरक्षित कर लिया है और बॉयलर क्षेत्र की तकनीकी जांच की जा रही है। प्रशासन का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही मौत के कारणों और जिम्मेदारों को लेकर स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
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