पायलट ने कहा कि एक ओर केंद्र सरकार ने केंद्रीय करों में राज्यों का हिस्सा 41 प्रतिशत पर ही स्थिर रखा है, वहीं दूसरी ओर मनरेगा जैसी योजनाओं में राज्यों के 40 प्रतिशत अंशदान के लिए कोई ठोस समाधान नहीं निकाला गया है। उन्होंने मांग की कि राज्यों की हिस्सेदारी बढ़ाकर 45 प्रतिशत की जानी चाहिए।
ये भी पढ़ें: Budget 2026: ‘राजस्थान के लिए बजट रहा ऊंची दुकान–फीका पकवान’, पूर्व सीएम अशोक गहलोत ने कसा तंज
उन्होंने केंद्रीय बजट को राजस्थान के लिए अत्यंत निराशाजनक बताते हुए कहा कि पूर्वी राजस्थान नहर परियोजना के लिए जल संसाधन मंत्रालय के बजट में एक रुपये का भी प्रावधान नहीं किया गया। इसके साथ ही 7 हाई स्पीड रेल कॉरिडोर में से एक भी राजस्थान को नहीं मिलना और पूर्व में स्वीकृत रेल लाइनों के लिए कोई ठोस बजट प्रावधान नहीं करना यह दर्शाता है कि भाजपा सरकार राजस्थान की जनता के प्रति असंवेदनशील है।
पायलट ने कहा कि किसानों के लिए भी इस बजट में कोई ठोस राहत नजर नहीं आती। उन्होंने केंद्र सरकार से बेरोजगारी पर श्वेत पत्र जारी करने की मांग की। उन्होंने बजट को बेरोजगारी बढ़ाने वाला बताते हुए कहा कि यह शिक्षित और उच्च शिक्षित युवाओं को भी निम्न स्तर की छोटी-मोटी नौकरियों के लिए मजबूर करने वाला बजट है।
Discover more from India News
Subscribe to get the latest posts sent to your email.