Chhipkali Bhagane Ka Tarika: अगर घर में छिपकलियों की समस्या से परेशान हैं तो किचन गार्डन में कुछ खास पौधे लगाकर इससे प्राकृतिक रूप से छुटकारा पाया जा सकता है. कुछ पौधों की तेज खुशबू छिपकलियों को पसंद नहीं आती, जिससे वे घर से दूर रहती हैं. तुलसी, पुदीना, नीम और लेमनग्रास जैसे पौधे न केवल घर को हरा-भरा रखते हैं बल्कि छिपकलियों को भगाने में भी मदद करते हैं. ये उपाय पूरी तरह से केमिकल-फ्री और सुरक्षित हैं, जिससे बच्चों और पालतू जानवरों को कोई नुकसान नहीं होता.
भीलवाड़ा: घर में छिपकली दिखना ज्यादातर लोगों के लिए डर और घबराहट का कारण बनता है. खासकर गांव हो या शहर हर घरों में जहां स्वच्छता और शांति को बहुत महत्व दिया जाता है. हालांकि छिपकलियां नुकसानदायक नहीं होतीं, लेकिन उनकी मौजूदगी असहज कर देती है. आमतौर पर घर की महिलाएं छिपकलियों से सबसे ज्यादा डरती है. उसे सफाई के दौरान यह छिपकलियों सर दर्द बन जाती है. ऐसे में केमिकल स्प्रे के बजाय प्राकृतिक उपाय ज्यादा सुरक्षित होते हैं. कुछ खास पौधे अपनी तेज गंध और तेलों की वजह से छिपकलियों को घर से दूर रखने में मदद करते हैं और वातावरण को भी शुद्ध बनाते हैं. खुशबू वाले पौधे छिपकलियों को बिल्कुल पसंद नहीं आते हैं. इन पौधों की तेज खुशबू छिपकलियों की सूंघने की क्षमता को प्रभावित करती है. जिससे वे उस जगह से दूर भाग जाती हैं. भारतीय घरों में इन्हें गमलों में बालकनी, खिड़की या किचन गार्डन में आसानी से उगाया जा सकता है. साथ ही ये पौधे खाने और घरेलू उपचार में भी काम आते हैं, जिससे डबल फायदा मिलता है.

रोजमेरी एक सुगंधित औषधीय पौधा है, जो न सिर्फ खाने का स्वाद बढ़ाता है. बल्कि घर को छिपकलियों से दूर रखने में भी मदद करता है. इस पौधे की तेज और तीखी खुशबू छिपकलियों को बिल्कुल पसंद नहीं आती, जिससे वे उस जगह के आसपास नहीं भटकतीं हैं. रोजमेरी को आप गमले में बालकनी, खिड़की या किचन के पास आसानी से उगा सकते हैं. यह पौधा कम पानी में भी अच्छे से पनप जाता है और धूप पसंद करता है. इसके अलावा रोजमेरी का तेल नेचुरल रिपेलेंट के तौर पर भी इस्तेमाल किया जाता है.

पेपरमिंट यानी पुदीना अपनी बेहद तेज और ठंडी खुशबू के लिए जाना जाता है, जो छिपकलियों को घर से दूर रखने में कारगर होती है. छिपकलियां पुदीना की तीखी गंध सहन नहीं कर पातीं और उस जगह से दूर चली जाती हैं. यह पौधा भारतीय जलवायु में बहुत आसानी से उग जाता है और ज्यादा देखभाल की जरूरत नहीं होती हैं. इसके पत्तों का इस्तेमाल चाय, चटनी और घरेलू नुस्खों में किया जाता है, साथ ही पेपरमिंट ऑयल का इस्तेमाल भी प्राकृतिक छिपकली भगाने वाले स्प्रे के रूप में किया जा सकता है.
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यूकेलिप्टस यानी नीलगिरी का पौधा छिपकलियों के लिए सबसे असरदार माना जाता है. इसकी पत्तियों में मौजूद प्राकृतिक तेल की गंध छिपकलियों और कीड़ों दोनों को दूर रखती है. भारतीय जलवायु में यह पौधा आसानी से पनप जाता है और घर के बाहर या गार्डन में लगाया जा सकता है. इसके अलावा यूकेलिप्टस का तेल सर्दी-जुकाम, दर्द और त्वचा संबंधी समस्याओं में भी उपयोगी होता है.

पेंसिल ट्री एक ऐसा पौधा है जो छिपकलियों को ही नहीं बल्कि अन्य अवांछित जीवों को भी दूर रखता है. इसमें मौजूद लेटेक्स जहरीला होता है, जिसकी गंध और प्रकृति छिपकलियों को डराती है. हालांकि इसे उगाते समय सावधानी जरूरी है क्योंकि इसका रस स्किन को नुकसान पहुंचा सकता है. सही देखभाल के साथ यह पौधा घर के कोनों या बगीचे में प्रभावी सुरक्षा देता है.

साबुत लहसुन तो खाने के इस्तेमाल आते हैं, लेकिन इसका पौधा भी बहुत कारगार है. लहसुन के पौधे को अगर घर के मैन गेट पर उगा देते हैं. तो इनकी पत्तियों और मिट्टी से तेज गंध आती है. उस स्मेल की वजह से छिपकलियां घर के अंदर नहीं आती हैं. छिपकली को भगाने का यह आसान और कारगार तरीका है, इसलिए आपको किसी केमिकल वाले स्पे की भी जरूर नहीं पडेगी. इसके साथ ही यह सभी पौधे खाने में भी इस्तेाल किए जाते हैं और इनके पौधे लगाने से छिपकलियां घर में प्रवेश नहीं करती है.

यह पौधे किस प्रकार के हैं. जिनकी खुशबू छिपकलियों को प्रभावित करती है और जिसके कारण घर पर छिपकलियों नजर नहीं आती है. इन पौधों की खुशबू छिपकली के नर्वस सिस्टम को प्रभावित करती है. जिसके कारण छिपकली यह यह जेल नहीं पाती है और इससे दूर चली जाती है.
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