तरनतारन जिले में सरकारी स्कूलों में शिक्षा विभाग के दिशानिर्देशों के तहत पेरेंट-टीचर वर्कशॉप का आयोजन किया गया। यह कार्यशाला सफल रही, जिसमें अभिभावकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। इसमें बच्चों की पढ़ाई, भविष्य, स्वास्थ्य और नए दाखिलों से जुड़े महत्वपूर्ण पहलुओं पर चर्चा हुई। कार्यशाला के दौरान आगामी परीक्षाओं के लिए बच्चों के प्रदर्शन की समीक्षा की गई। छात्रों को नशे की बुराई से दूर रखने के लिए जागरूक किया गया। इसके अतिरिक्त, बच्चों की स्वास्थ्य देखभाल के लिए पंजीकरण बढ़ाने और नए शैक्षणिक सत्र के लिए सरकारी स्कूलों में प्रवेश की आवश्यकता पर भी जोर दिया गया। जिला शिक्षा अधिकारी ने किया संबोधित इस अवसर पर जिला शिक्षा अधिकारी (एलिमेंट्री/सेकेंडरी) सतनाम सिंह बाठ ने अभिभावकों को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि बच्चों का सुनहरा भविष्य माता-पिता और शिक्षकों की संयुक्त जिम्मेदारी है। बाठ ने परीक्षाओं के दिनों में सतर्क रहने की आवश्यकता पर बल दिया ताकि बच्चे अच्छे अंक प्राप्त कर सकें। नशे के खिलाफ अभिभावकों से की अपील वहीं नशे के खिलाफ बोलते हुए उन्होंने अभिभावकों से अपील की कि वे अपने बच्चों की गतिविधियों पर नजर रखें और उन्हें नैतिक मूल्यों से जोड़ें। बाठ ने सरकारी स्कूलों में उपलब्ध सुविधाओं का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि आज के सरकारी स्कूल किसी भी निजी स्कूल से कम नहीं हैं। छात्रों के सर्वांगीण विकास का लिया संकल्प उन्होंने अभिभावकों से सरकार द्वारा प्रदान की जा रही मुफ्त सुविधाओं और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का लाभ उठाने और अधिक से अधिक बच्चों का दाखिला सरकारी स्कूलों में करवाने का आग्रह किया।इस कार्यशाला में स्कूल स्टाफ और अभिभावकों ने छात्रों के सर्वांगीण विकास के लिए मिलकर काम करने का संकल्प लिया। इस अवसर पर सुखबीर सिंह कंग, जसपाल सिंह और हेडमिस्ट्रेस मैडम जसप्रीत कौर भी विशेष रूप से उपस्थित थीं।
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