Sirohi New Four Lane Highway : सिरोही जिले को आबूरोड से मंडार होते हुए सांचौर तक 126 किलोमीटर फोरलेन हाइवे की सौगात मिली है, जिससे कृषि, व्यापार, पर्यटन और आवागमन में सुधार होगा. आबूरोड नगरपालिका पार्षद और स्थानीय निवासी रमेश वैष्णव ने बताया कि इस घोषणा से जिले को बड़ी सौगात मिली है. सड़क की खराब स्थिति के कारण पहले लोग जालोर या सांचौर जाने के लिए गुजरात के धानेरा होकर जाते थे.
सिरोही. प्रदेश के बजट में इस बार सिरोही जिले को कई सौगातें मिली हैं. इनमें सबसे बड़ी सौगात आबूरोड से मंडार होते हुए सांचौर जाने वाले राज्यमार्ग को हाइवे के रूप में विकसित करने की घोषणा है. इस कार्य के लिए 535 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है. आबूरोड से मंडार होते हुए सांचौर तक 126 किलोमीटर लंबा फोरलेन हाइवे बनने से इस रूट के कई गांवों की कनेक्टिविटी बेहतर होगी. कृषि, पर्यटन और व्यापार की दृष्टि से भी क्षेत्रवासियों को इसका लाभ मिलेगा.
आबूरोड नगरपालिका पार्षद और स्थानीय निवासी रमेश वैष्णव ने बताया कि इस घोषणा से जिले को बड़ी सौगात मिली है. सड़क की खराब स्थिति के कारण पहले लोग जालोर या सांचौर जाने के लिए गुजरात के धानेरा होकर जाते थे. वहीं आबूरोड, स्वरूपगंज और आसपास के क्षेत्रों के लोग सिरोही होकर जालोर पहुंचते थे. हाइवे बनने से लोगों को नया और सुगम मार्ग उपलब्ध होगा. आबूरोड से मंडार तक सड़क संकरी होने के कारण यहां दुर्घटनाएं अधिक होती थीं, लेकिन फोरलेन बनने से हादसों में कमी आएगी और आवागमन सुरक्षित होगा.
व्यापार और उद्योग को मिलेगा बढ़ावा हाइवे बनने से क्षेत्र में कनेक्टिविटी मजबूत होगी, जिससे उद्योग और व्यापार को भी बढ़ावा मिलेगा. जिले के आबूरोड में बड़ी संख्या में मार्बल इकाइयां संचालित हैं. यहां मार्बल रेवदर की सेलवाड़ा माइंस से आता है. बेहतर सड़क सुविधा से मालवाहक वाहनों की आवाजाही सुगम होगी. इसके अलावा कई किसान गुजरात के धानेरा और अन्य मंडियों में अपनी फसल बेचने के लिए इसी मार्ग का उपयोग करते हैं. ऐसे में कृषि क्षेत्र को भी इस परियोजना से लाभ होगा.
माउंट आबू के पर्यटन को नई गति राजस्थान के एकमात्र हिल स्टेशन माउंट आबू को सांचौर और कांडला नेशनल हाइवे से बेहतर कनेक्टिविटी मिलने पर जिले के पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा. माउंट आबू में हर वर्ष देशभर से लाखों पर्यटक आते हैं. आबूरोड स्थित ब्रह्माकुमारी संस्थान और रेवदर के पावापुरी जैन तीर्थ में भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं. इस मार्ग के फोरलेन बनने से धार्मिक और पर्यटन गतिविधियों को नई गति मिलेगी.
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Anand Pandeyनाम है आनंद पाण्डेय. सिद्धार्थनगर की मिट्टी में पले-बढ़े. पढ़ाई-लिखाई की नींव जवाहर नवोदय विद्यालय में रखी, फिर लखनऊ में आकर हिंदी और पॉलीटिकल साइंस में ग्रेजुएशन किया. लेकिन ज्ञान की भूख यहीं शांत नहीं हुई. कल…और पढ़ें