सुक्खू सरकार ने हिमाचल प्रदेश में 1,030 करोड़ रुपये का 20 साल के लिए लोन लिया है, विकास योजनाओं के लिए केंद्र सरकार से अनुमति मिली है, राज्य पर कर्ज लगातार बढ़ रहा है. इससे पहले, बीते साल भी सुक्खू सरकार ने लगातार लोन लिया था.2017 में प्रदेश पर 48 हजार करोड़ रुपये कर्ज था.
हिमाचल प्रदेश में आर्थिक संकट गहरा गया है और अब सरकार ने लोन लिया है. (FILE PHOTO)
अधिसूचना में लिखा गया है कि विकास के लिए प्रस्तावित योजनाओं, आधारभूत ढांचे के सुदृढ़ीकरण और जनकल्याणकारी कार्यक्रमों के लिए यह कर्ज लिया गया है. अधिसूचना में लिखा गया है कि राज्य सरकार ने केंद्र सरकार से इस सबंध में जरूरी अनुमति ली है और संविधान के अनुच्छेद 293(3) के तहत यह मंजूरी दी गई है.
लोन 20 वर्ष की अवधि के लिए लिया जाएगा औऱ इसकी शुरुआत 4 मार्च 2026 से मानी जाएगी. ऋण का परिपक्वता भुगतान 4 मार्च 2046 को किया जाएगा. नीलामी में तय कट-ऑफ यील्ड ही कूपन दर मानी जाएगी औऱ ब्याज का भुगतान प्रत्येक वर्ष 4 सितंबर और 4 मार्च को किया जाएगा.
ब्याज का भुगतान प्रत्येक वर्ष 4 सितंबर और 4 मार्च को किया जाएगा.
हिमाचल पर लगातार बढ़ रहा कर्ज
हिमाचल प्रदेश पर लगातार कर्ज बढ़ता जा रहा है. 2017 में प्रदेश पर 48 हजार करोड़ रुपये कर्ज था, जो कि भाजपा सरकार में 76 हजार करोड़ हो गया और अब यह 1 लाख पार कर गया है. सुक्खू सरकार अपने साढ़े तीन साल के कार्यकाल में 35 हजार करोड़ से अधिक कर्ज ले चुकी है. इधर, अब केंद्र सरकार की तरफ से रैवेन्यू डेफिसिट ग्रांट बंद कर दी गई है और सरकार की मुश्किलें और बढ़ गई हैं.
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