लुधियाना कांग्रेस के वरिष्ठ नेता, दो बार के विधायक सरदार गुरदीप सिंह भैणी का आज सुबह निधन हो गया। वे 92 वर्ष के थे। उनके निधन से जगरांव, दाखा और सिधवां बेट क्षेत्र सहित पूरे राजनीतिक व सामाजिक जगत में शोक की लहर दौड़ गई है।
प्रारंभिक जीवन में वे खेती-बाड़ी से जुड़े रहे और बाद में पटवारी के रूप में सरकारी सेवा में आए। इसके पश्चात उन्होंने राजनीति में कदम रखा। उनकी सादगी और दृढ़ इच्छाशक्ति का प्रतीक यह रहा कि वे गांव से साइकिल पर भैणी साहिब जाया करते थे।
1985 में उन्होंने पहली बार विधानसभा चुनाव लड़ा। सुरजीत सिंह बरनाला की सरकार के दौरान उन्हें टीयूवी कॉर्पोरेशन का चेयरमैन नियुक्त किया गया। उन्होंने पहले शिरोमणि अकाली दल से विधायक के रूप में प्रतिनिधित्व किया और बाद में कांग्रेस पार्टी में शामिल होकर पुनः विधानसभा पहुंचे।
राजनीतिक जीवन का एक महत्वपूर्ण मोड़ वर्ष 2007 में आया, जब उन्होंने कांग्रेस के टिकट पर चुनाव लड़ते हुए अपने प्रतिद्वंद्वी भाग सिंह मल्लन को पराजित किया। जगराओं और दाखा विधानसभा क्षेत्रों में वे मजबूत जनाधार वाले नेता के रूप में जाने जाते रहे।
कुछ समय से वे अस्वस्थ चल रहे थे। हाल ही में घुटने का ऑपरेशन होने के बाद उन्होंने चलना-फिरना शुरू किया था, लेकिन बढ़ती उम्र के कारण उनकी सेहत लगातार गिरती चली गई और आज सुबह उन्होंने अंतिम सांस ली।
परिवार में उनके दो बेटे हैं मेजर सिंह भैणी, जो कांग्रेस से सक्रिय राजनीति में हैं और दाखा विधानसभा क्षेत्र से चुनाव लड़ चुके हैं। सुखदेव सिंह तूर कनाडा में प्रतिष्ठित व्यवसायी हैं। मेजर सिंह भैणी ने बताया कि परिवार के कुछ सदस्य विदेश में हैं, जिनके भारत लौटने के बाद अंतिम संस्कार किया जाएगा।
गुरदीप सिंह भैणी के निधन पर पंजाब कांग्रेस मामलों के प्रभारी भूपेश बघेल, प्रदेश अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग, नेता प्रतिपक्ष प्रताप सिंह बाजवा, पूर्व मुख्यमंत्री बीबी राजिंदर कौर भट्ठल, पूर्व मुख्यमंत्री व सांसद चरणजीत सिंह चन्नी, विधायक परगट सिंह, कैप्टन संदीप संधू, सांसद अमर सिंह बोपाराय, विधायक मनप्रीत सिंह अयाली, विधायक सर्वजीत कौर माणूके, पूर्व विधायक कुलबीर सिंह जीरा सहित विभिन्न राजनीतिक दलों, सामाजिक संगठनों और पंचायत प्रतिनिधियों ने गहरा शोक व्यक्त किया।
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