Bokaro Farmer Earning Well With Beetroot: बोकारो के राजेश ने 30 डेसिमल जमीन में हाइब्रिड चुकंदर की खेती कर मिसाल पेश की है. वे पारंपरिक फसलों से तीन गुना मुनाफा कमा रहे हैं. अब बाकी किसान भी उनके इस आइडिया को कॉपी कर रहे हैं.
कम उगाते हैं किसान, बाजार में बनी रहती है मांग
खास बातचीत में किसान राजेश ने बताया कि वह किसान परिवार से आते हैं और उन्हें खेती की प्रेरणा अपने बाप-दादाओं से ही मिली है. बदलते समय और बाजार की मांग को देखते हुए उन्होंने पारंपरिक फसलों से हटकर कुछ नया करने का फैसला किया. बीते 5 सालों से वे सफलतापूर्वक चुकंदर की खेती कर रहे हैं, क्योंकि इस फसल को बहुत कम किसान उगाते हैं, जिससे बाजार में इसकी मांग बनी रहती है.
लागत से तीन गुना मुनाफा
आगे राजेश ने बताया कि अक्टूबर महीने में उन्होंने चुकंदर की बुआई की थी, जो करीब 70 दिनों में तैयार हो जाती है. खास बात यह है कि दिसंबर और जनवरी के महीनों में चुकंदर का बाजार भाव बेहतर रहता है. 30 डेसिमल चुकंदर की खेती में लगभग 12 हजार रुपये की लागत आती है, वहीं इससे 12 से 15 क्विंटल तक उत्पादन मिल जाता है.
बाजार में इसका भाव प्रति क्विंटल करीब 5000 रुपये तक मिल जाता है, जिससे किसान को करीब 60 हजार रुपये तक की आमदनी हो जाती है, यानी लागत के मुकाबले लगभग तीन गुना मुनाफा मिलता है.
चुकंदर की खेती में इन बातों का रखें ध्यान
वहीं चुकंदर की खेती करने के इच्छुक किसानों को उन्होंने सलाह दी है कि शुरुआत में इस फसल में सिंचाई व्यवस्था पर विशेष ध्यान देना जरूरी है. खेत की मिट्टी भुरभुरी और अच्छी जल निकासी वाली होनी चाहिए, ताकि जड़ सही तरीके से विकसित हो सके. समय-समय पर हल्की सिंचाई से पैदावार बेहतर होती है, वहीं चुकंदर के विकसित होने के बाद मिट्टी को थोड़ा सूखा रखना चाहिए, तभी चुकंदर बड़ा और बेहतर आकार का होता है.
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बुंदेलखंड यूनिवर्सिटी से मास कम्यूनिकेशन एंड जर्नलिज़्म में मास्टर्स, गोल्ड मेडलिस्ट. पत्रकारिता का सफर दैनिक जागरण से शुरू हुआ, फिर प्रभात खबर और ABP न्यूज़ से होते हुए News18 Hindi तक पहुंचा. करियर और देश की …और पढ़ें