बीकानेर में खेजड़ी वृक्षों की कटाई के विरोध में पिछले 11 दिनों से जारी महापड़ाव गुरुवार देर शाम समाप्त हो गया। लंबे समय से खेजड़ी संरक्षण की मांग को लेकर आंदोलन कर रहे स्थानीय लोगों ने सरकार के फैसले के बाद धरना खत्म करने की घोषणा की।
12 फरवरी की शाम सरकार की ओर से एक प्रतिनिधिमंडल वार्ता के लिए धरना स्थल पहुंचा। इसमें मंत्री केके बिश्नोई, भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष बिहारी बिश्नोई, जसवंत बिश्नोई और पब्बाराम बिश्नोई शामिल रहे। प्रतिनिधिमंडल और आंदोलनकारियों के बीच बातचीत के बाद अहम निर्णय लिया गया।
सरकार ने पूरे राजस्थान में खेजड़ी वृक्षों की कटाई पर रोक लगाने के आदेश जारी कर दिए हैं। राजस्व सचिव की ओर से लिखित आदेश जारी कर सभी संभागीय आयुक्तों और जिला कलेक्टरों को निर्देश दिए गए हैं कि अवैध कटाई पर तत्काल प्रभाव से कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। अधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में सख्त निगरानी रखने और किसी भी प्रकार की अवैध गतिविधि पर तुरंत कार्रवाई करने को कहा गया है।
उल्लेखनीय है कि 5 फरवरी को विधानसभा में खेजड़ी संरक्षण को लेकर घोषणा की गई थी, जिसके बाद इस दिशा में कार्रवाई तेज कर दी गई। सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि खेजड़ी संरक्षण के लिए विशेष कानून लाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। प्रस्तावित विधेयक के जरिए अवैध कटाई पर सख्त प्रावधान, नियमित निरीक्षण और प्रशासनिक जवाबदेही तय की जाएगी।
ये भी पढ़ें: खेजड़ी बचाओ आंदोलन: सरकार अलर्ट पर, बड़ी घोषणा की संभावना; जयपुर से मंत्री बीकानेर धरनास्थल के लिए रवाना
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा पर्यावरण संरक्षण के मुद्दे पर गंभीर नजर आ रहे हैं। सरकार का कहना है कि मरुस्थलीय क्षेत्रों में खेजड़ी का विशेष पारिस्थितिक महत्व है और इसे संरक्षित करना प्राथमिकता में शामिल है।
सरकार के निर्णय के बाद संत समाज और पर्यावरण प्रेमियों ने आभार जताया है। उनका कहना है कि लंबे समय से खेजड़ी संरक्षण की मांग की जा रही थी और अब सरकार की पहल से सकारात्मक संदेश गया है।
Discover more from India News
Subscribe to get the latest posts sent to your email.