राजस्थान ने स्कूल नेशनल हॉकी प्रतियोगिता में शानदार प्रदर्शन करते हुए इतिहास रच दिया। रोमांचक फाइनल मुकाबले में राजस्थान ने उड़ीसा को 3-2 से हराकर स्वर्ण पदक अपने नाम किया। वहीं, कांस्य पदक के मुकाबले में पंजाब ने हिमाचल प्रदेश को 6-0 से हराकर तीसरा स्थान हासिल किया।
फाइनल मुकाबले का विवरण
मीडिया प्रभारी गोपाल मेहता मेनारिया के अनुसार, मैच का पहला क्वार्टर गोलरहित रहा। दूसरे क्वार्टर में राजस्थान ने पेनल्टी कॉर्नर को गोल में बदलते हुए बढ़त बनाई। इसके बाद एक पेनल्टी कॉर्नर चूकने के बावजूद राजस्थान ने दूसरा गोल दागकर 2-0 की मजबूत बढ़त हासिल की।
गोलकीपर की शानदार बजत की रही अहम भूमिका
मध्यांतर के बाद तीसरे क्वार्टर में राजस्थान ने तीसरा गोल कर स्कोर 3-0 कर दिया। उड़ीसा को इस दौरान लगातार कई पेनल्टी कॉर्नर मिले, लेकिन राजस्थान के गोलकीपर की शानदार बचत के कारण उड़ीसा एक भी अवसर को गोल में तब्दील नहीं कर पाया। बाद में उड़ीसा ने एक पेनल्टी कॉर्नर पर गोल करते हुए स्कोर 3-1 किया।
राजस्थान 3-2 से जीता
चौथे क्वार्टर में मुकाबला बेहद रोमांचक हो गया। उड़ीसा ने एक और पेनल्टी कॉर्नर को गोल में बदलते हुए स्कोर 3-2 कर दिया। अंतिम क्षणों में दोनों टीमों ने जोरदार प्रयास किए। राजस्थान को भी पेनल्टी कॉर्नर मिला, लेकिन वह गोल में नहीं बदल पाया। अंततः राजस्थान ने 3-2 से जीत दर्ज कर स्वर्ण पदक पर कब्जा जमाया।
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खिलाड़ियों को कंधों पर उठाकर मनाया जश्न
मैच समाप्त होते ही राजस्थान और उदयपुर के हॉकी प्रेमियों में खुशी की लहर दौड़ गई। खिलाड़ी, कोच, दर्शक और आयोजक खुशी से झूम उठे। सैकड़ों दर्शक मैदान में उतर आए और उदयपुर के खिलाड़ियों को कंधों पर उठाकर जश्न मनाया। इस दौरान प्रशिक्षक दिग्विजय सिंह राणावत, मैनेजर बलवंत चौधरी और शिक्षा अधिकारियों को भी कंधों पर उठाकर सम्मानित किया गया।
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