मध्य प्रदेश में प्रधानमंत्री एयर एम्बुलेंस सेवा ने एक बार फिर साबित कर दिया कि जब इरादे मजबूत हों, तो शासन की संवेदनशीलता किसी की जिंदगी बचाने में देवदूत बन सकती है। रीवा संभाग के मऊगंज क्षेत्र से सामने आई यह घटना न सिर्फ एक परिवार के लिए उम्मीद की किरण बनी, बल्कि पूरे क्षेत्र में मानवीय शासन की मिसाल भी बन गई।
मऊगंज निवासी रोहित द्विवेदी की पांच वर्षीय मासूम बेटी की तबीयत अचानक गंभीर रूप से बिगड़ गई। परिजन उसे तत्काल रीवा के संजय गांधी स्मृति चिकित्सालय लेकर पहुंचे, जहां जांच के बाद डॉक्टरों ने चौंकाने वाली जानकारी दी—बच्ची का लिवर पूरी तरह फेल हो चुका है। हालत इतनी नाजुक थी कि हर पल उसकी जान पर खतरा मंडरा रहा था। चिकित्सकों ने बिना देर किए बच्ची को उच्च स्तरीय इलाज के लिए भोपाल रेफर करने की सलाह दी।
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मामले की गंभीरता जैसे ही डिप्टी सीएम एवं स्वास्थ्य मंत्री राजेंद्र शुक्ल के संज्ञान में आई, उन्होंने तत्काल शासन स्तर पर समन्वय करते हुए प्रधानमंत्री एयर एम्बुलेंस सेवा को सक्रिय कराया। समय से लिया गया यह निर्णय बच्ची के जीवन के लिए निर्णायक साबित हुआ। बुधवार, 24 दिसंबर को दोपहर करीब 3 बजे बच्ची को रीवा एयरपोर्ट से विशेष चिकित्सा निगरानी में भोपाल के लिए एयरलिफ्ट किया गया। उड़ान के दौरान भी मेडिकल टीम लगातार उसकी स्थिति पर नजर बनाए रही। भोपाल एयरपोर्ट पर पहले से अलर्ट मोड में तैनात डॉक्टरों और पैरामेडिकल स्टाफ ने बच्ची को सीधे AIIMS भोपाल पहुंचाया, जहां विशेषज्ञ चिकित्सकों की देखरेख में उसका इलाज शुरू कर दिया गया है।
इस मुश्किल घड़ी में मिली त्वरित सहायता से भावुक हुए बच्ची के पिता रोहित द्विवेदी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, मुख्यमंत्री मोहन यादव और डिप्टी सीएम राजेंद्र शुक्ल का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा, “जब हर रास्ता बंद नजर आ रहा था, तब एयर एम्बुलेंस हमारे लिए उम्मीद बनकर आई। हमारी बिटिया को नया जीवन मिलने की आस जगी है।”
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