मुजफ्फरपुर जिले के बेला औद्योगिक क्षेत्र में औद्योगिक विकास को एक बड़ी गति मिलने जा रही है. टेक्सटाइल और लेदर सेक्टर की दो प्रमुख कंपनियां यहां अपनी नई उत्पादन इकाइयां स्थापित करेंगी. इन दोनों कंपनियों के जरिए कुल 1001 करोड़ रुपये से अधिक का निवेश प्रस्तावित है.
इस निवेश को लेकर उद्योग विभाग ने महाराष्ट्र और दिल्ली की एक-एक कंपनी को फर्स्ट क्लियरेंस प्रदान कर दी है. साथ ही बियाडा की सभी शर्तों को समय पर पूरा करने का निर्देश भी दिया गया है. पटना में उद्योग विभाग के विकास आयुक्त की अध्यक्षता में आयोजित राज्य निवेश प्रोत्साहन पर्षद की बैठक में इन प्रस्तावों को स्वीकृति दी गई.
करीब 268.65 करोड़ रुपये का निवेश
जानकारी के अनुसार महाराष्ट्र की कंपनी को बेला औद्योगिक क्षेत्र में पीवीसी लेदर बैग उत्पादन यूनिट स्थापित करने की अनुमति मिली है. यह कंपनी यहां करीब 268.65 करोड़ रुपये का निवेश करेगी. प्रस्तावित यूनिट से हर साल 17 लाख से अधिक पीवीसी लेदर बैग का उत्पादन होगा. इससे करीब 200 लोगों को प्रत्यक्ष रोजगार मिलने की संभावना है. खास बात यह है कि इस कंपनी की बेला औद्योगिक क्षेत्र में पहले से भी बैग उत्पादन की एक यूनिट संचालित है, जिससे उसके विस्तार और स्थानीय विश्वास को बल मिलता है. वहीं, दिल्ली की 34 साल पुरानी कंपनी को बेला में रेडिमेड कपड़ों की उत्पादन यूनिट लगाने की अनुमति दी गई है. यह कंपनी यहां 732.51 करोड़ रुपये का निवेश करेगी.
18 हजार से अधिक लोगों को रोजगार मिल रहा
इससे पहले कंपनी कॉटन बेडशीट, पर्दे और घरेलू वस्त्रों का उत्पादन करती थी, लेकिन अब रेडिमेड गारमेंट्स के क्षेत्र में कदम रखेगी. कंपनी ने बताया है कि उसके उत्पाद बिहार, दिल्ली, बेंगलुरु, आंध्र प्रदेश समेत देश के विभिन्न राज्यों और विदेशों के कई बड़े मार्ट में बेचे जाएंगे. इस यूनिट से 300 से अधिक लोगों को रोजगार मिलने की उम्मीद है.बेला औद्योगिक क्षेत्र के टेक्सटाइल क्लस्टर में पहले से ही 60 से अधिक ब्रांडेड और नॉन-ब्रांडेड कंपनियों की इकाइयां संचालित हैं, जहां 18 हजार से अधिक लोगों को रोजगार मिल रहा है. नए निवेश से बेला औद्योगिक क्षेत्र न केवल उत्तर बिहार बल्कि पूरे राज्य में औद्योगिक विकास का एक मजबूत केंद्र बनकर उभरेगा.
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