मधुबनी जिले में जनसंख्या स्थिरीकरण और परिवार कल्याण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से ‘मिशन परिवार विकास अभियान’ का आयोजन किया जाएगा। यह अभियान 23 फरवरी से 20 मार्च तक चलेगा। इसे दो चरणों में बांटा गया है। पहला चरण ‘दंपति संपर्क अभियान’ 23 फरवरी से 5 मार्च तक चलेगा। इसके बाद, दूसरा चरण ‘परिवार नियोजन सेवा पखवाड़ा’ 6 मार्च से 20 मार्च तक आयोजित किया जाएगा। अभियान का मुख्य उद्देश्य प्रजनन आयु वर्ग के दंपतियों को परिवार नियोजन के विभिन्न साधनों की जानकारी देना है। इसका लक्ष्य असुरक्षित गर्भधारण को रोकना और मातृ एवं शिशु मृत्यु दर को कम करना भी है। अभियान के तहत स्वास्थ्यकर्मी घर-घर जाकर पात्र दंपतियों से संपर्क करेंगे। वे उन्हें परिवार नियोजन के स्थायी और अस्थायी साधनों के बारे में बताएंगे और आवश्यकतानुसार साधन उपलब्ध कराएंगे। अभियान के सफल क्रियान्वयन के लिए राज्य स्वास्थ्य समिति, बिहार के अपर कार्यपालक निदेशक (परिवार कल्याण) ने सभी सिविल सर्जनों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए हैं। इन निर्देशों में स्वास्थ्य उपकेंद्रों, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों और जिला अस्पतालों में गर्भनिरोधक साधन, आईयूसीडी किट, कंडोम, अंतरा इंजेक्शन और छाया गोली जैसी सामग्री की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने को कहा गया है। जनजागरूकता बढ़ाने के लिए पोस्टर, फ्लेक्स, दीवार लेखन, रैलियां और ग्राम स्तर पर बैठकों का भी आयोजन किया जाएगा। महिला स्वास्थ्य स्वयंसेवक (आशा), एएनएम और आंगनबाड़ी सेविकाओं को इस अभियान में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने का दायित्व सौंपा गया है। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के अनुसार, यह अभियान केवल जनसंख्या नियंत्रण का प्रयास नहीं है। यह महिलाओं के स्वास्थ्य, सशक्तिकरण और सुरक्षित मातृत्व की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। विभाग ने सभी संबंधित कर्मियों को अभियान में सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है, ताकि जिले के प्रत्येक पात्र दंपति तक परिवार नियोजन सेवाएं पहुंच सकें।
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