भारतीय हॉकी को कई स्टार खिलाड़ी देने वाले हॉकी कोच बलदेव सिंह को पद्मश्री अवॉर्ड के लिए चुना गया है। कोच बलदेव सिंह ने हरियाणा के कुरुक्षेत्र के शाहाबाद में लंबे समय तक हॉकी अकादमी चलाई। उनकी अकादमी महिला हॉकी नर्सरी से प्रसिद्ध रही। अब यहां के हालात बदल चुके हैं। भारतीय महिला हॉकी टीम में शाहाबाद की खिलाड़ियों की संख्या कम हो रही है। इसका बड़ा कारण अकादमी की अनदेखी को माना जा रहा है। कोच बलदेव सिंह ने अपने समय में हॉकी को ऊंचाइयों तक पहुंचाया था। फिलहाल कोच बलदेव सिंह पंजाब के लुधियाना में हॉकी से दूर होकर रह रहे हैं। 24 साल चलाई अकादमी
कोच बलदेव सिंह ने साल 1994 से 2018 तक अकादमी चलाई। उस दौरान शायद ही कोई साल होगा, जब भारतीय महिला हॉकी टीम में शाहाबाद से कोई खिलाड़ी ना रही हों। लेकिन अभी एकमात्र नवनीत कौर टीम में खेल रही हैं। नवनीत कौर टीम की उप-कप्तान हैं और कोच बलदेव सिंह से प्रशिक्षित हैं। 16 अवॉर्ड किए नाम साल 1992 से 2015 तक शाहाबाद में कोच बलदेव सिंह के प्रशिक्षण में खिलाड़ियों ने 13 भीम और 3 अर्जुन पुरस्कार अपने नाम किए। भारतीय हॉकी टीम के पूर्व कप्तान एवं खेल राज्यमंत्री रहे संदीप सिंह और पूर्व भारतीय महिला कप्तान एवं पद्मश्री रानी रामपाल ने भी बलदेव सिंह से कोचिंग ली है। 55 अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी तैयार किए कोच बलदेव सिंह ने शाहाबाद से 2 ओलंपियन सहित 55 अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी तैयार किए हैं। उनके जाने के बाद कई कोच आए और गए, लेकिन अंतरराष्ट्रीय लेवल तक कोई खिलाड़ी नहीं उभरा पाया। साफ है कि शाहाबाद हॉकी स्टेडियम का भविष्य खतरे में पड़ा हुआ है। पहली बार रेलवे को हराया कोच बलदेव सिंह सबसे पहले 1 जनवरी 1982 में शाहाबाद के आर्य स्कूल में आए। छोटा स्टेडियम होने के चलते उनको 1986 में सिरसा जिले के जीवन नगर सेंटर को प्रशिक्षित करने जाना पड़ा। फिर उन्होंने 1992 में शाहाबाद के श्री गुरु नानक प्रीतम गर्ल्स हॉकी स्टेडियम में खिलाड़ियों को प्रशिक्षित करना शुरू किया। तब पहली बार किसी स्कूल की टीम ने आंध्र प्रदेश में हुए तिरुपति टूर्नामेंट-1999 में इंडियन रेलवे की टीम को हराया। 11 बार जीता नेहरू हॉकी टूर्नामेंट उनकी अगुआई में यहां की महिला हॉकी टीम ने दिल्ली में हर साल होने वाले नेहरू हॉकी टूर्नामेंट को 11 बार जीता। साल 2005 में नेशनल हाईवे पर ऋषि मारकंडेश्वर स्टेडियम की स्थापना से 2015 तक कोच बलदेव सिंह ने खिलाड़ियों को प्रशिक्षित किया। 2015 में छोड़ा कोचिंग पद साल 2015 में कोच बलदेव सिंह ने सरकार और खेल विभाग के उपेक्षापूर्ण रवैये से दुखी होकर शाहाबाद हॉकी अकादमी के कोच पद को छोड़ दिया। उनके जाने से स्टेडियम के खिलाड़ी भी उनके साथ पंजाब के श्री फतेहगढ़ साहिब में श्री गुरु ग्रन्थ साहिब जी यूनिवर्सिटी स्टेडियम चले गए। यहां उनको चीफ कोच का पद मिला। 2023 में छोड़ी कोचिंग उसके बाद वे कई स्टेडियम में चीफ कोच रहे, लेकिन साल 2023 में कोचिंग करना छोड़ दिया। अभी वे अपने परिवार के साथ लुधियाना में रह रहे हैं। उनसे बात हुई तो उन्होंने कहा कि काश शाहाबाद में उनको 10 साल और मिलते, तो कई और खिलाड़ी तैयार हाे सकते थे।
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