फिल्म अभिनेत्री और सांसद कंगना रनोट की मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही हैं। बठिंडा की एक अदालत ने मानहानि मामले में सख्त रुख अपनाते हुए कंगना को 15 जनवरी को हर हाल में व्यक्तिगत रूप से पेश होने का आदेश दिया है। कांगना की ओर से कोर्ट से व्यक्तिगत रूप
अदालत का कड़ा रुख:
बेबे महिंदर कौर के वकील रघुबीर सिंह बहनीवाल ने जानकारी दी कि अदालत ने कंगना के वकील द्वारा दायर ‘पेशी से छूट’ की अर्जी को सिरे से खारिज कर दिया है। अदालत ने स्पष्ट आदेश जारी किया है कि यदि कंगना रनौत आगामी 15 जनवरी को कोर्ट में उपस्थित नहीं होती हैं, तो उनके खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किया जाएगा और उनका बेल ऑर्डर (जमानत) भी रद्द कर दिया जाएगा।
क्या है पूरा मामला
यह विवाद दिल्ली की सीमाओं पर हुए किसान आंदोलन के समय शुरू हुआ था। बठिंडा के गांव बहादुरगढ़ जंडिया की रहने वाली बुजुर्ग महिला महिंदर कौर ने कंगना के खिलाफ मानहानि का मुकदमा दर्ज कराया था। आरोप है कि कंगना ने सोशल मीडिया पर महिंदर कौर की फोटो साझा करते हुए टिप्पणी की थी कि “ऐसी महिलाएं धरने पर 100-100 रुपए लेकर आती हैं।”
कंगना ने इस मामले को रद्द करवाने के लिए हाल ही में सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था, लेकिन शीर्ष अदालत ने उनकी याचिका को अस्वीकार कर दिया, जिसके बाद अब उन्हें ट्रायल कोर्ट में पेश होना ही होगा।
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