जसोल में माघ माह शुक्ल पक्ष प्रतिपदा पर श्री राणी भटियाणी मंदिर संस्थान में गुप्त नवरात्रा पर्व का विधिवत शुभारंभ हुआ। गाजियाबाद के श्री दूधेश्वर वेद विद्या पीठ से आए विद्वान आचार्यों और पंडितों ने वेद मंत्रोच्चार के साथ घट स्थापना कर मां आदिशक्ति का आह्वान किया। मंगला आरती से ही उमड़े श्रद्धालु
गुप्त नवरात्रा के पहले दिन सुबह मंगला आरती से ही मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। माघ शुक्ल पक्ष में दर्शन के विशेष महत्व के कारण हजारों भक्तों ने श्री राणीसा भटियाणीसा, श्री बायोसा, श्री सवाईसिंह जी, श्री लाल बन्ना सा, श्री खेतलाजी और श्री काला-गौरा भैरूजी मंदिरों में दर्शन कर पूजा-अर्चना की। उन्होंने परिवार और समाज की खुशहाली की कामना की। मंदिर परिसर को फूलों से सजाया
इस अवसर पर मंदिर परिसर को फूलों की मालाओं और आकर्षक लाइटिंग से सजाया गया। श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा के लिए जिग-जैग लाइनिंग सिस्टम, सीसीटीवी कैमरों से निगरानी, पब्लिक अनाउंसमेंट सिस्टम, प्रसाद चढ़ाने की सुचारु व्यवस्था और व्यापक वाहन पार्किंग के प्रबंध किए गए। कन्याओं की पूजा कर दी दक्षिणा
गुप्त नवरात्रा के पहले दिन जसोल नगर पालिका में सर्व समाज और छत्तीस कौम की कन्याओं का विधिवत पूजन किया गया। कन्याओं को फल-प्रसाद और अन्नपूर्णा प्रसादम करवाकर दक्षिणा भेंट की गई। आचार्य तोयराज ने बताया कि गुप्त नवरात्रा शक्ति साधना का विशेष काल होता है। उन्होंने कहा कि इस दौरान किए गए तप और अनुष्ठान कई गुना फलदायी होते हैं। उन्होंने ये भी बताया कि यह गुप्त नवरात्रा पर्व अगले नौ दिनों तक चलेगा। इस दौरान प्रतिदिन क्रमशः माता शैलपुत्री, मां ब्रह्मचारिणी, मां चंद्रघंटा, मां कूष्मांडा, मां स्कंदमाता, मां कात्यायनी, मां कालरात्रि, मां महागौरी और मां सिद्धिदात्री का विशेष पूजन एवं हवन किया जाएगा। साथ ही, भगवान श्री शंकर का प्रतिदिन रुद्राभिषेक भी होगा।
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