मिली जानकारी के मुताबिक, बागरा थाना इलाके के रहने वाले हमीद और तालिब शाम करीब पांच बजे एक गांव पहुंचे थे। उन्हें पास के गांव में जाना था, इसलिए उन्होंने रास्ता पूछा। गांव में खेल रहे करीब दस साल के एक बच्चे ने उन्हें रास्ता बताया। रास्ता ठीक से समझ में न आने पर दोनों युवकों ने बच्चे से साथ चलने को कहा और वह गाड़ी में बैठ गया।
गांव में मचा हड़कंप
इसी दौरान वहां मौजूद दूसरे बच्चों को शक हुआ कि गाड़ी सवार युवक बच्चे को उठा ले गए हैं। बच्चों ने तुरंत अपने घर वालों और गांव के लोगों को बताया। इसके बाद ग्रामीणों ने गाड़ी का पीछा किया और करीब दस किलोमीटर तक तलाश करने के बाद शाम करीब साढ़े सात बजे दोनों युवकों को पकड़ लिया। उन्हें गांव लाकर एक कमरे में बंद कर दिया गया। इस दौरान मारपीट करने की भी कोशिश हुई।
सूचना मिलने पर बागोड़ा और सायला थाना पुलिस मौके पर पहुंची और हालात को संभाला। सायला थानाधिकारी सुरेंद्र सिंह ने बताया कि पूछताछ में सामने आया कि दोनों युवक किसी धार्मिक जगह पर जा रहे थे। रास्ता पक्का करने के लिए उन्होंने बच्चे को साथ लिया था और लौटते समय उसे वापस छोड़ने की बात थी। पुलिस के मुताबिक यह पूरी घटना सिर्फ गलतफहमी की वजह से हुई। शांति भंग होने की आशंका को देखते हुए दोनों युवकों को पाबंद किया गया और बाद में छोड़ दिया गया। दोनों तरफ से कोई भी मामला दर्ज नहीं कराया गया है।
Discover more from India News
Subscribe to get the latest posts sent to your email.