ग्रामीणों ने आशंका जताई है कि यह मानव खोपड़ी गांव निवासी चंपालाल (40) पुत्र मानाराम मेघवाल की हो सकती है। चंपालाल की करीब ढाई माह पहले बीमारी के चलते मौत हो गई थी और उनका अंतिम संस्कार इसी श्मशान भूमि में दफनाने के रूप में किया गया था। अब उसी स्थान से खोपड़ी मिलने और समाधि के खुदे होने से यह आशंका और गहरी हो गई है कि किसी अज्ञात व्यक्ति या व्यक्तियों ने कब्र खोदकर शव के अवशेष बाहर निकाले हैं।
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घटना के बाद गांव में तंत्र-मंत्र या किसी संदिग्ध गतिविधि की चर्चाएं तेज हो गई हैं। ग्रामीणों का कहना है कि श्मशान भूमि जैसी पवित्र जगह पर इस तरह की हरकत सामान्य नहीं हो सकती। कुछ लोगों ने आशंका जताई है कि तांत्रिक क्रियाओं के लिए कब्र खोदी गई हो सकती है। इस घटना के बाद खासतौर पर रात के समय गांव में भय का माहौल है।
ग्रामीणों ने तत्काल पुलिस को सूचना दी, जिस पर पुलिस टीम मौके पर पहुंची। पुलिस ने श्मशान भूमि का निरीक्षण किया, मानव खोपड़ी को कब्जे में लिया और आसपास के क्षेत्र को भी खंगाला। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि खोपड़ी उसी व्यक्ति की है या किसी अन्य की। इसकी पुष्टि पोस्टमार्टम रिपोर्ट, फॉरेंसिक जांच और अन्य कानूनी प्रक्रियाओं के बाद ही हो सकेगी।
पुलिस यह भी जांच कर रही है कि समाधि किसने और कब खोदी, इसके पीछे क्या उद्देश्य था और क्या इसमें किसी तांत्रिक या आपराधिक गिरोह की भूमिका है। आसपास के लोगों से पूछताछ की जा रही है और संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है।
फिलहाल लेटा गांव में इस घटना को लेकर गहरी चिंता और आक्रोश है। ग्रामीणों ने मांग की है कि दोषियों को जल्द से जल्द पकड़कर कड़ी कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो। पुलिस का कहना है कि मामले की हर एंगल से जांच की जा रही है और जल्द ही सच्चाई सामने लाई जाएगी।
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