Rajasthan News : राज्य सरकार ने 181 कॉल सेंटर पर वरिष्ठ आईएएस अधिकारियों को शिकायतें सुनने और समाधान की जिम्मेदारी दी है. वी. श्रीनिवास के आदेश से पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ेगी. निर्देशों के अनुसार, प्रत्येक अधिकारी रोज कम से कम 10 शिकायत कॉल खुद सुनेगा. सिर्फ सुनना ही नहीं, बल्कि उनके समाधान की निगरानी भी करेगा. यानी अब शिकायत दर्ज होने के बाद उसकी फॉलोअप पर भी सीधे वरिष्ठ स्तर की नजर रहेगी.
निर्देशों के अनुसार, प्रत्येक अधिकारी रोज कम से कम 10 शिकायत कॉल खुद सुनेगा. सिर्फ सुनना ही नहीं, बल्कि उनके समाधान की निगरानी भी करेगा. यानी अब शिकायत दर्ज होने के बाद उसकी फॉलोअप पर भी सीधे वरिष्ठ स्तर की नजर रहेगी. यह विशेष अभियान 4 मार्च से 28 मई तक चलाया जाएगा. इस दौरान अधिकारी नियमित रूप से कॉल सेंटर पहुंचकर शिकायतों की समीक्षा करेंगे.
बड़े अधिकारी भी अभियान में शामिल
अभियान में कई वरिष्ठ अधिकारी शामिल हैं. इनमें कुलदीप रांका, संदीप वर्मा, अभय कुमार, शिखर अग्रवाल और अपर्णा अरोड़ा जैसे नाम शामिल हैं. इन अधिकारियों को अपने-अपने विभाग से जुड़ी 10-10 शिकायतें संपर्क पोर्टल के जरिए सुनकर उनका निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं. सरकार की ओर से बताया गया है कि मुख्यमंत्री और मुख्य सचिव लगातार 181 कॉल सेंटर का दौरा कर रहे हैं. व्यवस्था की समीक्षा की जा रही है ताकि सिस्टम सिर्फ कागजों में न रहे, जमीन पर भी असर दिखे.
पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ाने का दावा
सरकार का कहना है कि इस कदम से शिकायत प्रक्रिया में पारदर्शिता और जवाबदेही दोनों बढ़ेंगी. आमजन को अब यह भरोसा मिलेगा कि उनकी बात सीधे ऊंचे स्तर तक पहुंच रही है. अक्सर यह शिकायत रहती थी कि शिकायत दर्ज तो हो जाती है, लेकिन समाधान में देर होती है. अब वरिष्ठ अधिकारी खुद सुनेंगे तो विभागों पर भी दबाव रहेगा कि समयबद्ध तरीके से काम हो.
फिलहाल इस नए प्रयोग को प्रशासनिक सुधार के तौर पर देखा जा रहा है. आने वाले महीनों में साफ होगा कि यह पहल आम लोगों को कितना राहत देती है.
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नाम है आनंद पाण्डेय. सिद्धार्थनगर की मिट्टी में पले-बढ़े. पढ़ाई-लिखाई की नींव जवाहर नवोदय विद्यालय में रखी, फिर लखनऊ में आकर हिंदी और पॉलीटिकल साइंस में ग्रेजुएशन किया. लेकिन ज्ञान की भूख यहीं शांत नहीं हुई. कल…और पढ़ें
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