तपोवन की जमीन कभी इतनी उपजाऊ थी कि यहां भारी मात्रा में बासमती और अन्य अनाज की खेती होती थी. स्थानीय किसान साल भर की मेहनत से खेतों को संवारते थे और फसल कटने के बाद पूरे क्षेत्र में खुशबू फैल जाती थी. लोकल 18 के साथ बातचीत के दौरान 70 वर्षीय गोपाल अग्रवाल जिनका जन्म और पालन-पोषण यहीं हुआ बताते है कि तपोवन के खेतों में कभी इतनी पैदावार होती थी कि आसपास के बाजारों तक अनाज सप्लाई किया जाता था.
तपोवन की जमीन कभी इतनी उपजाऊ थी कि यहां भारी मात्रा में बासमती और अन्य अनाज की खेती होती थी. स्थानीय किसान साल भर की मेहनत से खेतों को संवारते थे और फसल कटने के बाद पूरे क्षेत्र में खुशबू फैल जाती थी. लोकल 18 के साथ बातचीत के दौरान 70 वर्षीय गोपाल अग्रवाल जिनका जन्म और पालन-पोषण यहीं हुआ बताते है कि तपोवन के खेतों में कभी इतनी पैदावार होती थी कि आसपास के बाजारों तक अनाज सप्लाई किया जाता था.
उनके अनुसार यहां की बासमती चावल की गुणवत्ता बेहद उम्दा मानी जाती थी. समय के साथ जब ऋषिकेश में पर्यटन का दायरा बढ़ा और विदेशी पर्यटकों की संख्या में इजाफा हुआ. तब तपोवन का स्वरूप धीरे-धीरे बदलने लगा. योग, मेडिटेशन और आध्यात्मिक रिट्रीट के लिए यह इलाका अंतरराष्ट्रीय पहचान बनाने लगा. खेती से मिलने वाली सीमित आय की तुलना में होटल, गेस्ट हाउस और कैफे खोलना अधिक लाभदायक साबित हुआ. नतीजतन, किसानों ने अपनी जमीनें बेच दीं या व्यावसायिक उपयोग में ले आए.
आज तपोवन की गलियों में कदम रखते ही हर तरफ कैफे संस्कृति नजर आती है. ऑर्गेनिक कॉफी, इटालियन पास्ता, वेगन फूड और इंटरनेशनल मेन्यू यहां आम हो चुके हैं. योग स्टूडियो, बुटीक होटल और रेस्टोरेंट ने उस जमीन की जगह ले ली है, जहां कभी धान की बालियां झूमती थीं. खेती से होने वाली आमदनी अब पर्यटन आधारित अर्थव्यवस्था में बदल चुकी है. स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर जरूर पैदा हुए हैं, लेकिन खेती की पहचान लगभग खत्म हो चुकी है.
यह बदलाव केवल आर्थिक नहीं, सांस्कृतिक भी है. पहले जहां खेतों में काम करने की परंपरा थी, अब वहां सर्विस इंडस्ट्री का हिस्सा बनने की होड़ है. बुजुर्गों की यादों में आज भी वह तपोवन बसा है, जहां हरियाली और मिट्टी की खुशबू जीवन का हिस्सा थी. नई पीढ़ी के लिए तपोवन एक ग्लोबल टूरिस्ट हब है, लेकिन पुरानी पीढ़ी के लिए यह खोती हुई विरासत की कहानी है.
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काशी के बगल चंदौली से ताल्लुक रखते है. बिजेनस, सेहत, स्पोर्टस, राजनीति, लाइफस्टाइल और ट्रैवल से जुड़ी खबरें पढ़ना पसंद है. मीडिया में करियर की शुरुआत ईटीवी भारत हैदराबाद से हुई. अभी लोकल18 यूपी के कॉर्डिनेटर की…और पढ़ें
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