जयपुर स्थित जय क्लब में रविवार को ढूंढाड़ परिषद द्वारा आयोजित 13वें विशाल फागोत्सव ‘ढूँढाड़ की धमाल’ का आयोजन बड़े उल्लास और उमंग के साथ किया गया। इस अवसर पर राजस्थान की उपमुख्यमंत्री दिया कुमारी ने उपस्थित सभी गणमान्य अतिथियों, माताओं और बहनों को होली के पावन पर्व की हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं दी।
उपमुख्यमंत्री ने कहा – सांस्कृतिक उत्सव हमारी पहचान
उपमुख्यमंत्री दिया कुमारी ने अपने संबोधन में कहा कि ढूँढाड़ क्षेत्र की समृद्ध सांस्कृतिक परंपराएं, लोक संगीत, फाग गीत और उत्साहपूर्ण प्रस्तुतियों ने पूरे वातावरण को उल्लासमय बना दिया। रंग, उमंग और आपसी सद्भाव से सराबोर यह उत्सव हमारी सांस्कृतिक एकता और सामाजिक समरसता का प्रतीक है। उन्होंने बताया कि ऐसे आयोजन हमारी विरासत को संजोने और नई पीढ़ी तक पहुँचाने का महत्वपूर्ण माध्यम हैं।
उपमुख्यमंत्री ने ढूँढाड़ परिषद की सराहना करते हुए कहा कि परंपराओं और त्योहारों को आगे बढ़ाने में परिषद का योगदान अत्यंत महत्वपूर्ण रहा है। परिषद ने सदैव सांस्कृतिक गतिविधियों के माध्यम से समाज को अपनी जड़ों से जोड़े रखने का कार्य किया है। उन्होंने यह भी बताया कि सरकार लोकनृत्य, लोककलाओं, लोकगीतों और परंपराओं को प्रोत्साहित करने के लिए प्रतिबद्ध है और इन सांस्कृतिक धरोहरों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मंचों तक पहुँचाने का प्रयास कर रही है।
राज्यसभा सांसद घनश्याम तिवारी का विचार
राज्यसभा सांसद घनश्याम तिवारी ने कहा कि भारत में पिछले हजार वर्षों का संघर्ष और लड़ाई का इतिहास रहा, जिसमें जयपुर ढूँढाड़ राजपरिवार का अहम योगदान रहा। उन्होंने बताया कि सनातन धर्म की रक्षा के लिए ढूँढाड़ राजपरिवार द्वारा किए गए दान, त्याग और संघर्ष का योगदान अद्वितीय है।
पारंपरिक फाग गीतों और लोक कलाकारों की प्रस्तुति
कार्यक्रम में पारंपरिक फाग गीतों और लोक कलाकारों की प्रस्तुतियों ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। उपस्थित जनसमूह ने रंग-बिरंगे कार्यक्रमों का आनंद लिया और होली के उत्साह को साझा किया।
छोटी काशी में फागोत्सव का रंग
जयपुर के अजमेरी गेट स्थित पिपलेश्वर महादेव मंदिर में आयोजित फागोत्सव ने शहर को होली के रंगों में सराबोर कर दिया। कार्यक्रम संयोजक मुकेश सोनी के अनुसार, फतेहपुर सीकरी से आए किशन एंड पार्टी के कलाकारों ने “ए जमुना को पानी…” और “रसिया पतली कमर थारी…” जैसे पारंपरिक फाग गीतों की दमदार प्रस्तुतियां दीं। चंग की थाप पर श्रद्धालु ही नहीं, राहगीर भी ठिठक कर झूम उठे।
मंदिर परिसर में राधा-कृष्ण की फूलों की होली का आयोजन आकर्षण का केंद्र रहा। उमड़ी भीड़ ने भक्ति और उत्सव का अद्भुत संगम देखा। कार्यक्रम में श्रद्धालु और शहरवासी होली की उमंग में झूमते हुए सांस्कृतिक रंगों का आनंद उठाते नजर आए। इस प्रकार जयपुर में 13वां विशाल फागोत्सव ‘ढूँढाड़ की धमाल’ अपने सांस्कृतिक स्वरूप, उल्लास और सामाजिक संदेश के साथ सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।
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