जयपुर की पॉक्सो कोर्ट ने दुष्कर्म के मामले में क्रिकेटर यश दयाल की अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी है। कोर्ट ने माना कि मामले में आरोपी के खिलाफ प्रथम दृष्टया गंभीर साक्ष्य मौजूद हैं और अभी जांच पूरी नहीं हुई है। ऐसे में इस स्तर पर अग्रिम जमानत देना उचित नहीं है।
पॉक्सो कोर्ट की जज अलका बंसल ने अपने आदेश में कहा कि अब तक की जांच में यह स्पष्ट नहीं होता कि आरोपी को झूठे आरोपों में फंसाया गया है। बल्कि उपलब्ध तथ्यों से उसके अपराध में संलिप्तता के पर्याप्त संकेत मिलते हैं। कोर्ट ने यह भी कहा कि आरोपी से विस्तृत पूछताछ अभी बाकी है।
मामले की जांच के दौरान पुलिस ने पीड़िता और आरोपी दोनों के मोबाइल फोन की कॉल डिटेल रिकॉर्ड जब्त की है। पीड़िता के अधिवक्ता दिवेश शर्मा के अनुसार CDR से दोनों के बीच लगातार संपर्क में रहने की पुष्टि हुई है।
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पुलिस को पीड़िता द्वारा बताए गए कई होटलों में दोनों के ठहरने के रिकॉर्ड भी मिले हैं। पीड़िता के मोबाइल से प्राप्त चैट, तस्वीरों और वीडियो के विश्लेषण के बाद यश दयाल के खिलाफ पॉक्सो एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया।
आरोप है कि 3–4 मई को जयपुर में आईपीएल मैच के दौरान आरोपी ने पीड़िता को रेलवे स्टेशन के पास एक होटल में बुलाया और शारीरिक संबंध बनाने का दबाव डाला। इसके बाद सितंबर 2023 में उसे कानपुर बुलाकर होटल में जबरन दुष्कर्म किया गया।
यश दयाल के वकील कुणाल जैमन ने कोर्ट में दलील दी कि आरोपी ने पीड़िता से हमेशा सार्वजनिक स्थानों पर और टीम के अन्य सदस्यों की मौजूदगी में ही मुलाकात की। उन्होंने दावा किया कि पीड़िता ने खुद को वयस्क बताया और आर्थिक तंगी का हवाला देकर क्रिकेट किट खरीदने के नाम पर पैसे लिए। वकील के अनुसार बाद में पीड़िता बार-बार अलग-अलग बहाने बनाकर पैसे मांगने लगी और ब्लैकमेल करने की नीयत से यह मामला दर्ज कराया।
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