जानकारी के अनुसार, विश्वविद्यालय परिसर में गर्ल्स हॉस्टल का निर्माण कार्य चल रहा था। नगर निगम अधिकारियों का कहना है कि इसके लिए कोई अनुमति नहीं ली गई थी। कई नोटिस देने के बावजूद विश्वविद्यालय प्रशासन ने अनुमति नहीं ली। इसे अवैध निर्माण मानते हुए निगम की मदाखलत टीम मौके पर पहुंची और निर्माण सामग्री को जब्त कर गाड़ी में लाद लिया।
जैसे ही टीम जब्त सामग्री लेकर बाहर निकलने लगी, विश्वविद्यालय ने मुख्य द्वार पर ताला लगा दिया। टीम ने गेट खोलने की कई कोशिशें की, लेकिन सफलता नहीं मिली। इसके बाद मदाखलत टीम ने वरिष्ठ अधिकारियों को सूचना दी। मौके पर अतिरिक्त आयुक्त प्रतीक राव भी पहुंचे।
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काफी देर तक गेट नहीं खोलने पर निगम की टीम ने हथौड़े की मदद से ताला तोड़कर अपनी गाड़ी बाहर निकाली और जब्त किया गया सामान ले गई। इस दौरान विश्वविद्यालय के पीआरओ विमलेंद्र राठौर भी मौके पर मौजूद थे। विमलेंद्र राठौर ने बताया कि सुरक्षा कर्मियों ने सिर्फ उस निर्माण सामग्री को ले जाने से रोकने के लिए गेट बंद किया था। उन्होंने कहा कि निर्माण अनुमति की फाइलों की जांच के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
नगर निगम के अतिरिक्त आयुक्त प्रतीक राव ने कहा कि विश्वविद्यालय ने निर्माण के लिए निगम से कोई अनुमति नहीं ली थी, इसी कारण कार्रवाई की गई। उन्होंने ताला तोड़ने के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि निगम टीम ने केवल अपनी गाड़ी बाहर निकाली है। फिलहाल मामला निर्माण अनुमति और कार्रवाई को लेकर तूल पकड़ता नजर आ रहा है।
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