आईजी विकास कुमार ने बताया कि रमेश के खिलाफ राजस्थान, गुजरात, महाराष्ट्र, कर्नाटक और तेलंगाना समेत पांच से अधिक राज्यों में 36 से ज्यादा आपराधिक मामले दर्ज हैं. वह लंबे समय तक बाड़मेर और सिरोही क्षेत्रों में सक्रिय रहा और राजस्थान के कई शहरों में एमडी ड्रग्स की अवैध फैक्ट्रियां संचालित कर रहा था.
राजस्थान से बाहर भागकर नई फैक्ट्री की फिराक में था आरोपी
एएनटीएफ की सख्ती बढ़ने के बाद रमेश राजस्थान छोड़कर फरार हो गया था. वह पश्चिम बंगाल में नई ड्रग फैक्ट्री लगाने की योजना बना रहा था. आरोपी बेहद शातिर था और किसी भी मोबाइल फोन का इस्तेमाल नहीं करता था. वह अक्सर पुणे के लिए हवाई यात्रा करता था, जिससे उसकी लोकेशन ट्रैक करना मुश्किल हो जाता था.
राजस्थान के मजदूर बनकर एएनटीएफ ने बिछाया जाल
पुख्ता सूचना मिलने पर एएनटीएफ की टीम ने कलकत्ता के जगदम्बा स्टील क्षेत्र के आसपास राजस्थान के कामगार बनकर डेरा डाला. स्थानीय सोर्स तैयार किए गए और आरोपी की गतिविधियों पर लगातार नजर रखी गई.
धार्मिक यात्रा बनी गिरफ्तारी की वजह
इसी दौरान सूचना मिली कि रमेश गंगासागर की धार्मिक यात्रा पर जा रहा है. मौके का फायदा उठाते हुए एएनटीएफ की टीम ने उसे धर दबोचा. आईजी ने बताया कि रमेश इससे पहले जयपुर के बरकत नगर इलाके से पुलिस की घेराबंदी तोड़कर फरार हो चुका था.
अपराध की लंबी पृष्ठभूमि
प्रेस वार्ता में खुलासा हुआ कि रमेश पहले वाहन चोरी और शराब तस्करी में भी शामिल रहा है. उसके भंवरी देवी हत्याकांड के आरोपियों से संपर्क होने की जानकारी भी सामने आई है. वह असम और मणिपुर में भी अपने ड्रग नेटवर्क का विस्तार करने की योजना बना रहा था.
31 साल की उम्र में खड़ा किया अवैध कारोबार का साम्राज्य
आईजी विकास कुमार ने बताया कि रमेश 12वीं तक साइंस का छात्र रहा, लेकिन पढ़ाई में असफल होने के बाद अपराध की दुनिया में उतर गया. महज 31 वर्ष की उम्र में उसने अवैध कारोबार से एक बड़ा एम्पायर खड़ा कर लिया था, जिसमें कार डेकोर की दुकान से लेकर मार्बल व्यापार तक शामिल है.
सख्त कार्रवाई जारी रहेगी
एएनटीएफ ने साफ किया है कि मादक पदार्थों के अवैध कारोबार में लिप्त अपराधियों के खिलाफ आगे भी इसी तरह सख्त और निर्णायक कार्रवाई जारी रहेगी. गिरफ्तार आरोपी को कल बाड़मेर कोर्ट में पेश किया जाएगा.
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