पहले हाईकोर्ट और सचिवालय के बाहर सड़क के दोनों ओर वाहन खड़े रहते थे, जिससे दिनभर जाम की स्थिति बनी रहती थी और ट्रैफिक व्यवस्था प्रभावित होती थी. अवैध पार्किंग हटने के बाद अब 100 फीट चौड़ी सड़क साफ नजर आने लगी है और हाईकोर्ट से स्टेच्यू सर्किल की दूरी अब मात्र 2 मिनट में तय हो रही है, जबकि पहले इसमें 10 से 15 मिनट तक का समय लग जाता था.
हाईकोर्ट के बाहर बनी यह अंडरग्राउंड पार्किंग जयपुर की अब तक की सबसे हाईटेक पार्किंग मानी जा रही है. इसमें एक साथ 511 चौपहिया और 190 दुपहिया वाहन पार्क किए जा सकते हैं. करीब सवा दो साल की अवधि में और लगभग 60 करोड़ रुपये की लागत से यह पार्किंग तैयार की गई है. यह खासतौर पर हाईकोर्ट के वकीलों, कर्मचारियों और यहां आने वाले आम लोगों के लिए बड़ी राहत साबित हो रही है. पार्किंग की खास बात यह है कि वाहन पार्क करने के बाद ऊपर जाने के लिए इसमें 7 अलग अलग लिफ्ट बनाई गई हैं. इसके अलावा पार्किंग से सीधे हाईकोर्ट तक पहुंचने के लिए सब-वे की सुविधा भी दी गई है, जिससे लोगों को सड़क पार करने की जरूरत नहीं पड़ती.
9 हजार स्क्वायर मीटर में फैली पार्किंग व्यवस्था
हाईकोर्ट के बाहर बनी यह पार्किंग करीब 9 हजार स्क्वायर मीटर क्षेत्र में विकसित की गई है. इसमें दो तल अंडरग्राउंड पार्किंग के हैं, जबकि ऊपर की तरफ ओपन पार्किंग की सुविधा भी उपलब्ध है. पार्किंग में हाईकोर्ट गेट नंबर दो और भवानी सिंह मार्ग की ओर से एंट्री की व्यवस्था रखी गई है, वहीं भगवानदास मार्ग से एग्जिट का रास्ता दिया गया है. पार्किंग के भीतर बनी 7 लिफ्ट और सब-वे के जरिए वकील, कर्मचारी और आम लोग सीधे हाईकोर्ट परिसर तक पहुंच सकते हैं. हालांकि पार्किंग शुरू होने के बाद भी कुछ वाहन चालक सड़क पर गाड़ियां खड़ी करते नजर आए, लेकिन अब पुलिस पहले लोगों को समझाइश करेगी और इसके बाद नो पार्किंग जोन में वाहन खड़े करने पर चालान की कार्रवाई शुरू की जाएगी.
यह पार्किंग न केवल क्षमता और सुविधा के लिहाज से भव्य है, बल्कि अंदर से उतनी ही सुंदर और आकर्षक भी है. सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए पूरे पार्किंग एरिया में सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं और गार्ड हर समय तैनात रहते हैं. पार्किंग की दीवारों पर जयपुर की विरासत को दर्शाने वाली खूबसूरत पेंटिंग्स बनाई गई हैं. चित्रकार अरुणाभ सागर सिंह खंगारोत ने 12 कलाकारों की टीम के साथ करीब तीन महीने में लगभग 50 कलाकृतियां तैयार की हैं. इन चित्रों में चारदीवारी के भीतर की जीवनशैली, पारंपरिक बाजार, वस्त्र, जूतियां, हाथी, घोड़े और बैलगाड़ियों जैसे दृश्य उकेरे गए हैं. ये पेंटिंग्स पार्किंग की सुंदरता में चार चांद लगाती हैं और इसे एक साधारण पार्किंग से कहीं ज्यादा खास बनाती हैं.
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