जयपुर के प्रतापनगर इलाके में रविवार दोपहर एक बुजुर्ग के शव को दफनाने को लेकर विवाद खड़ा हो गया। हालात इतने बिगड़ गए कि कब्रिस्तान पहुंचे शव को बिना दफनाए वापस घर लौटना पड़ा। मृतक के परिजनों का आरोप है कि विवाद के बावजूद प्रतापनगर थाना पुलिस ने कोई ठोस कार्रवाई नहीं की, जिससे नाराज परिजनों ने थाने पहुंचकर विरोध दर्ज कराया। वहीं, स्थानीय लोगों का कहना है कि पार्क की जमीन है, उसमें काफी सालों तक ऐसा कुछ भी नहीं हुआ है। शव दफनाने को लेकर स्थानीय लोगों ने किया विरोध प्रताप नगर के श्योपुर निवासी रसीद खान ने थाने में शिकायत देकर बताया कि उनके रिश्तेदार नजीर खान (85) का रविवार को निधन हो गया था। दोपहर करीब एक बजे परिजन शव को हल्दीघाटी गेट स्थित महिला पॉलिटेक्निक कॉलेज के पीछे बने कब्रिस्तान में दफनाने के लिए लेकर पहुंचे। दफन की प्रक्रिया शुरू होते ही स्थानीय लोगों ने इसका विरोध करना शुरू कर दिया, जिससे मौके पर तनाव की स्थिति बन गई। पुलिस ने मामला शांत कराने के नाम पर शव घर भेजा विवाद की सूचना पर प्रताप नगर थाना पुलिस मौके पर पहुंची। परिजनों का आरोप है कि पुलिस ने मामला शांत कराने के नाम पर शव को वापस घर भेज दिया, लेकिन विरोध करने वालों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई। इसके बाद मृतक के परिजन थाने पहुंचे और लिखित शिकायत देकर विरोध जताया। कब्रिस्तान नहीं पार्क की जमीन है
स्थानीय लोगों का कहना है कि ये जमीन पार्क की है। कब्रिस्तान की जमीन बताकर अवैध तरीके से शव दफनाने का प्रक्रिया करना चाहते थे। कब्र खोदने के प्रक्रिया करते समय रोक दिया गया था, शव लेकर नहीं आए थे। विवाद बढ़ाने के लिए ऐसा किया जा रहा है। प्रताप नगर थाने में किसी तरह की नहीं हुई औपचारिक शिकायत दर्ज हालांकि, इस पूरे मामले पर एसीपी (सांगानेर) हरिशंकर ने आरोपों को खारिज किया है। उनका कहना है कि प्रताप नगर थाने में किसी तरह की औपचारिक शिकायत दर्ज नहीं हुई है। उन्होंने इसे एक छोटी-मोटी बात बताते हुए कहा कि मामले को बेवजह तूल दिया जा रहा है। फिलहाल, इस घटना को लेकर क्षेत्र में चर्चा बनी हुई है और परिजन न्याय की मांग कर रहे हैं।
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