इस्तेमाल होने वाला सीक्रेट मसाला
सईद अली बताते हैं कि मुरादाबादी चिकन बिरयानी की खासियत इसकी रेसिपी और उसमें इस्तेमाल होने वाला सीक्रेट मसाला है. यह मसाला कई तरह के खड़े और सूखे मसालों को विशेष अनुपात में मिलाकर तैयार किया जाता है, जिससे बिरयानी की खुशबू और स्वाद दोनों अलग पहचान बनाते हैं. उनका कहना है कि जब देग में बिरयानी पकती है, तो इसकी महक आधा किलोमीटर तक फैल जाती है और आसपास के लोगों को खुद-ब-खुद पता चल जाता है कि कहीं मुरादाबादी बिरयानी बन रही है.
ये बात है बेहद खास
रेसिपी के बारे में जानकारी देते हुए सईद अली बताते हैं कि बिरयानी बड़े देग में तैयार की जाती है. सबसे पहले बड़े पीस वाले चिकन को अच्छे से धोकर रखा जाता है. फिर गर्म तेल में अदरक – लहसुन का पेस्ट डालकर चिकन को फ्राई किया जाता है. इसके बाद जीरा, लौंग, जावित्री, सफेद इलायची, छोटी इलायची और लाल मिर्च जैसे खड़े मसाले डाले जाते हैं. इन सभी मसालों को चिकन के साथ अच्छी तरह भूनने के बाद जब मसालों में खौल आ जाता है, तब पहले से भिगोकर रखे हुए चावल डाले जाते हैं.
बिरयानी के लिए चावल को कम से कम दो से तीन घंटे पहले पानी में भिगोया जाता है, जिससे वह अच्छे से पक सके और दानों में फुलाव बना रहे. इसके बाद देग को धीमी आंच पर लगभग 20 मिनट तक पकाया जाता है. इस दौरान मसालों और चावल की खुशबू एक साथ मिलकर बिरयानी को खास स्वाद देती है.
मुरादाबादी चिकन बिरयानी की डिमांड लगातार बढ़ती जा रही है. दुकानदार के अनुसार रोजाना करीब 500 प्लेट बिरयानी की बिक्री होती है. एक प्लेट की कीमत 120 रुपए रखी गई है, जिसे ग्राहक स्वाद और मात्रा के हिसाब से उचित मानते हैं. सुबह से ही दुकान पर लोगों की भीड़ लगनी शुरू हो जाती है और दोपहर होते-होते कई बार स्टॉक खत्म हो जाता है.
स्थानीय लोगों को इस बिरयानी का स्वाद उन्हें बार-बार यहां खींच लाता है. खास मसालों की खुशबू, देग में पकाने की पारंपरिक तकनीक और वर्षों का अनुभव मिलकर इसे रायपुर की पहचान बनाते जा रहे हैं. मुरादाबादी चिकन बिरयानी अब केवल एक व्यंजन नहीं, बल्कि भांठागांव चौक की खास पहचान बन चुकी है.
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