Army Day Parade Jaipur : जयपुर में सप्त शक्ति कमान द्वारा श्री भवानी निकेतन कैंपस में ‘नो योर आर्मी’ प्रदर्शनी में T-90 भीष्मा टैंक, ब्रह्मोस और आकाश मिसाइल ने युवाओं में जोश भरा. मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा भी पहुंचे. इस प्रदर्शनी का मुख्य आकर्षण भारतीय सेना का अत्याधुनिक T-90 टैंक ‘भीष्मा’ रहा, जिसने अपनी ताकत और रणकौशल से सभी का ध्यान खींचा.
इस प्रदर्शनी का मुख्य आकर्षण भारतीय सेना का अत्याधुनिक T-90 टैंक ‘भीष्मा’ रहा, जिसने अपनी ताकत और रणकौशल से सभी का ध्यान खींचा. इसके साथ ही ऑपरेशन सिंदूर में अहम भूमिका निभाने वाली ब्रह्मोस मिसाइल, आकाश मिसाइल सिस्टम और कामकाजी ड्रोन जैसे हथियार भी प्रदर्शनी में रखे गए हैं. आम जनता के लिए पहली बार इतने करीब से इन हथियारों को देखने का अवसर मिला, जिससे खासकर युवाओं और एनसीसी कैडेट्स में जबरदस्त उत्साह देखने को मिला.
T-90 भीष्मा टैंक ने दिखाया रणकौशल
‘नो योर आर्मी’ प्रदर्शनी में T-90 टैंक भीष्मा की मौजूदगी ने कार्यक्रम को और खास बना दिया. यह टैंक किसी भी तरह के धरातल पर तेज गति से चलने और युद्ध परिस्थितियों में प्रभावी कार्रवाई करने में सक्षम माना जाता है. रेगिस्तान, पहाड़ और मैदानी इलाकों में समान रूप से कारगर यह टैंक जम्मू-कश्मीर से लेकर गुजरात तक की सीमाओं पर अपनी क्षमता साबित कर चुका है. प्रदर्शनी के दौरान टैंक की तकनीकी विशेषताओं, मारक क्षमता और ऑपरेशनल उपयोग के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई. भीष्मा टैंक की टुकड़ी के लीडर मेजर रोहित सिंह ने भी टैंक की कार्यप्रणाली और उसकी सामरिक अहमियत पर प्रकाश डाला.
ऑपरेशन सिंदूर के हथियार बने आकर्षण का केंद्र
प्रदर्शनी में ऑपरेशन सिंदूर में इस्तेमाल किए गए हथियारों को भी प्रदर्शित किया गया है, जिनमें ब्रह्मोस मिसाइल विशेष आकर्षण का केंद्र रही. इस मिसाइल ने अपने सटीक निशाने और मारक क्षमता से दुश्मन के मंसूबों को नाकाम किया था. ब्रह्मोस के अलावा आकाश मिसाइल सिस्टम और आधुनिक ड्रोन तकनीक को भी प्रदर्शनी में रखा गया है, जिससे यह दिखाया जा सके कि भारतीय सेना आधुनिक युद्ध की हर चुनौती से निपटने में सक्षम है. ब्रह्मोस मिसाइल को देखने के लिए भवानी निकेतन कैंपस में भारी भीड़ उमड़ पड़ी.
मुख्यमंत्री सहित कई गणमान्य लोग रहे मौजूद
प्रदर्शनी के उद्घाटन अवसर पर मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा, राज्य सरकार के कई मंत्री, वरिष्ठ ब्यूरोक्रेट्स और एनसीसी से जुड़े छात्र-छात्राएं मौजूद रहे. सभी ने सेना की इस पहल की सराहना की और इसे युवाओं में देशभक्ति और सैन्य जागरूकता बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया.
चार दिन तक चलने वाली यह ‘नो योर आर्मी’ प्रदर्शनी न सिर्फ सेना के शौर्य और तकनीकी ताकत को दर्शा रही है, बल्कि आम नागरिकों को यह समझने का अवसर भी दे रही है कि देश की सीमाओं की रक्षा में भारतीय सेना किस स्तर की तैयारी और क्षमता के साथ जुटी हुई है.
About the Author

नाम है आनंद पाण्डेय. सिद्धार्थनगर की मिट्टी में पले-बढ़े. पढ़ाई-लिखाई की नींव जवाहर नवोदय विद्यालय में रखी, फिर लखनऊ में आकर हिंदी और पॉलीटिकल साइंस में ग्रेजुएशन किया. लेकिन ज्ञान की भूख यहीं शांत नहीं हुई. कल…और पढ़ें
Discover more from India News
Subscribe to get the latest posts sent to your email.