इंदौर के भागीथपुरा के दूषित पेयजल कांड में मंगलवार को कोर्ट में सुनवाई होगी। इसमें नगर निगम को विस्तृत रिपोर्ट पेश करना है। सुनवाई के दौरान दूषित पानी से हुई अधिकृत मौतों की जानकारी भी अफसरों को देना होगी।
पिछली सुनवाई पर मुख्य सचिव वर्चुअली जुड़े थे और मरीज सामने आने के बाद किए गए इंतजामों की जानकारी दी थी। कोर्ट में डेढ़ घंटे चली सुनवाई के दौरान अफसर दूषित पानी की ठोस वजह नहीं बता पाए थे। अफसरों ने यह भी कहा था कि 14 मौतें दूषित पानी की वजह से हुई हैं, बाकी जिन लोगों की मौतें हुई है, उन्हें दूसरी बीमारियां भी थीं।
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बड़े एक्शन का इंतजार
पिछली सुनवाई पर शासन की तरफ से कहा गया था कि जिम्मेदार अफसरों के खिलाफ शासन ने कार्रवाई की है। दूषित पानी से जो भी लोग प्रभावित हुए हैं, उनका शासन की तरफ से मुफ्त इलाज भी किया जा रहा है। इस मामले में कांग्रेस लगातार दोषी अफसरों के खिलाफ आपराधिक प्रकरण दर्ज करने की मांग कर रही है, लेकिन अभी तक किसी के खिलाफ एक्शन नहीं लिया गया है।
तीस प्रतिशत हिस्से में नर्मदा जल की आपूर्ति
भागीथपुरा में अब तक दूषित पानी से 28 मौतें हो चुकी हैं। अभी भी आठ लोग आईसीयू में हैं। पानी पीने से लोगों की बीमार होने के बाद नगर निगम ने नई पाइपलाइन को बिछाने का काम शुरू किया था। बस्ती के तीस प्रतिशत हिस्से में इस नई लाइन से नर्मदा के पानी की आपूर्ति की जा रही है। रहवासियों का कहना है कि जब तक पूरी बस्ती में नर्मदा लाइन नहीं बदल जाती, हमें भरोसा नहीं होगा। अभी जो पानी सप्लाई हो रही है, उससे पांच हजार रहवासी जुड़े हैं, जबकि बस्ती में पचास हजार से ज्यादा लोग रहते हैं।
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