एसवाईएल मुद्दे पर अब पंजाब-हरियाणा के अफसर मौजूदा परिस्थितियों की समीक्षा करते हुए इस मुद्दे पर अपनी-अपनी बात रखेंगे। अफसर ही सिफारिश करेंगे कि इस मसले का क्या हो सकता है। अफसरों की रिपोर्ट के बाद दोनों प्रदेशों के मुख्यमंत्री यह तय करेंगे कि आगे क्या किया जाना है। सुप्रीम कोर्ट ने दोनों मुख्यमंत्रियों को आपस में बैठकर इस विवाद का हल निकालने को कहा था।
एसवाईएल मुद्दे पर आज चंडीगढ़ में पंजाब और हरियाणा की बैठक हुई। पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान और हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी बैठक में पहुंचे। बैठक के बाद नायब सैनी और भगवंत मान ने संयुक्त प्रेसवार्ता की।
दोनों राज्य के अधिकारी करेेंगे आगे की बातचीत
नायब सैनी ने बैठक के बारे में कहा कि बातचीत बहुत अच्छे माहौल में हुई है। जब अच्छे माहौल में बातचीत होती है तो सार्थक परिणाम भी आते हैं। सुप्रीम कोर्ट के जो दिशा निर्देश हैं उनके अनुसार हमने बैठक की है। इससे पहले भी केंद्रीय मंत्री सीआर पाटिल की मौजूदगी में बातचीत हुई है। हमने तय किया है कि दोनों राज्यों के अधिकारी अब आगे बातचीत करेंगे।
वहीं पंजाब के सीएम भगवंत मान ने कहा कि हम भाई कन्हैया जी के वारिस हैं, उन्होंने युद्ध में दुश्मनों को भी पानी पिलाया था, हरियाणा तो हमारा छोटा भाई है। मान ने कहा कि यह विवाद हमारे बुजुर्गों के समय से चलता आ रहा है। अब पंजाब और हरियाणा का नेतृत्व नई पीढ़ी के नेताओं के हाथ में है। उम्मीद है कि यह विवाद जल्द खत्म हो जाएगा। मान ने कहा कि अफसर महीने में तीन से चार बैठकें भी कर सकते हैं। एक बार पानी का मसाला हल हो जाए, उसके बाद एसवाईएल नहर के निर्माण के बारे में भी सोच लेंगे।
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