भागलपुर के पीरपैंती थाना में तैनात पुलिस अवर निरीक्षक आर.एन. सिंह पर रिश्वतखोरी और निर्दोष लोगों को फंसाने का आरोप है। स्थानीय महिला कविता कुमारी का कहना है कि पड़ोसियों के बीच हुए एक मामूली विवाद को आपराधिक रूप देते हुए दरोगा ने जानबूझकर विपिन सिंह
पीड़िता भाजपा विधायक मुरारी पासवान के पास पहुंची और दरोगा की शिकायत की। इसके बाद विधायक थाना पहुंचे और दरोगा की क्लास लगाई। जिसका वीडियो सामने आया है। इसमें दरोगा कहते हुए नजर आ रहे है कि भगवान कसम मैंने रिश्वत नहीं लिया है। महिला गलत कह रही है।
विपिन सिंह की पत्नी कविता कुमारी का आरोप है कि मुकदमे से नाम हटाने के एवज में 15 से 20 हजार रुपए की अवैध वसूली की गई है। पीड़िता कविता कुमारी का कहना है कि विवाद सामान्य था, लेकिन पुलिस ने बिना समुचित जांच के उनके पति और ससुर को केस में फंसा दिया।
विपिन सिंह के पिता अवधेश सिंह को जेल भी जाना पड़ा। कविता कुमारी के अनुसार, जब वह बार-बार थाना जाकर खुद को निर्दोष बताते हुए नाम हटाने की गुहार लगाती रहीं, तो जांच कर रहे दरोगा आर.एन. सिंह ने साफ तौर पर कहा कि नाम हटवाने के लिए पैसे देने होंगे।
भाजपा विधायक मुरारी पासवान थाना पहुंचे।
पुलिस पर पैसे लेने का आरोप
दबाव और भय के माहौल में उन्होंने अलग-अलग किस्तों में करीब 15 से 20 हजार रुपए दरोगा को दिए, लेकिन इसके बावजूद कोई राहत नहीं मिली। उलटे पुलिस का दबाव बढ़ता चला गया।
थाना स्तर पर न्याय न मिलने से आहत पीड़िता इंसाफ की गुहार लेकर पीरपैंती से भाजपा विधायक मुरारी पासवान के आवास पहुंची, जहां वह फूट-फूटकर रो पड़ी और पूरी आपबीती सुनाई। मामले की गंभीरता को देखते हुए विधायक मुरारी पासवान स्वयं पीरपैंती थाना पहुंचे और थानाध्यक्ष व संबंधित दरोगा से पूरे प्रकरण पर पूछताछ की।

पीड़िता ने कहा है कि थाने में SI ने पैसे की डिमांड की है।
पूछताछ का एक वीडियो भी सामने आया है, जिसमें दरोगा आर.एन. सिंह विधायक के सामने भगवान की कसम खाकर यह कहते नजर आ रहे हैं कि उन्होंने किसी से कोई पैसा नहीं लिया है। विधायक ने थाना परिसर में ही दरोगा की जमकर क्लास लगाई और स्पष्ट शब्दों में कहा कि निर्दोष लोगों को फंसाना और रिश्वत लेना किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने निष्पक्ष जांच कर पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने का भरोसा दिया।
पीड़ित का कहना है कि विधायक के हस्तक्षेप के बाद भी अब तक आरोपी दरोगा के खिलाफ कोई ठोस विभागीय कार्रवाई नहीं हुई है और न ही वरीय पुलिस अधीक्षक की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने आया है।
इस संबंध में हमने थानेदार नीरज कुमार से संपर्क करने की कोशिश की गई। लेकिन उन्होंने कॉल का जवाब नहीं दिया।
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