Winter Health tips : सर्दियों में बढ़ने वजन को लोग ज्यादा खाने, मिठाइयों या कम एक्सरसाइज का नतीजा मान लेते हैं, लेकिन आयुर्वेद इस समस्या को केवल लाइफस्टाइल से नहीं जोड़ता. समय रहते इस संकेत को समझना जरूरी है, ताकि आगे चलकर गंभीर बीमारियों से बचा जा सके. कई बार लोग इन संकेतों को नजरअंदाज कर देते हैं, लेकिन यही छोटी-छोटी समस्याएं आगे चलकर मोटापा, थायरॉइड, डायबिटीज और जोड़ों के दर्द जैसी बीमारियों का कारण बन सकती हैं.
लोकल 18 के साथ बातचीत में ऋषिकेश के आयुष चिकित्सक डॉ. राजकुमार बताते हैं कि आयुर्वेद के हिसाब से शरीर में तीन मुख्य दोष होते हैं– वात, पित्त और कफ. सर्दियों के मौसम में कफ दोष स्वाभाविक रूप से बढ़ने लगता है क्योंकि ठंड, भारीपन और नमी कफ के गुण हैं. इस दौरान शरीर ज्यादा ऊर्जा संचित करने की कोशिश करता है, जिससे भूख बढ़ती है और पाचन क्रिया धीमी हो जाती है. धीमा मेटाबॉलिज्म भोजन को पूरी तरह पचा नहीं पाता और अतिरिक्त कैलोरी फैट के रूप में जमा होने लगता है. सर्दियों में लोग आमतौर पर मीठा, तला-भुना, डेयरी प्रोडक्ट्स और भारी भोजन ज्यादा खाने लगते हैं. ये सभी चीजें कफ दोष को बढ़ाने वाली होती हैं. ऊपर से ठंड की वजह से शारीरिक गतिविधि कम हो जाती है, सुबह देर से उठना और धूप से दूरी बनाना आम हो जाता है. यह आदतें शरीर में आलस्य, सुस्ती और वजन बढ़ने को बढ़ावा देती हैं.
फिर कैसे करें कंट्रोल
कफ दोष के बढ़ने के लक्षण सिर्फ वजन बढ़ना ही नहीं होते. बार-बार नींद आना, शरीर में भारीपन, हाथ-पैरों में सुस्ती, सर्दी-खांसी, बलगम बनना और पाचन कमजोर होना भी शामिल है. आयुर्वेद मानता है कि सर्दियों में अग्नि यानी पाचन शक्ति मजबूत होती है, लेकिन गलत खान-पान इसे कमजोर कर देता है. अगर सही समय पर हल्का, गर्म और पचने वाला भोजन न लिया जाए, तो कफ शरीर में जमा होने लगता है. दिन में ज्यादा सोना और देर रात तक जागना भी कफ असंतुलन को बढ़ाता है. इस समस्या से बचने के लिए आयुर्वेद सर्दियों में दिनचर्या और आहार में बदलाव की सलाह देता है. गर्म पानी पीना, मसालेदार लेकिन संतुलित भोजन लेना, नियमित योग और प्राणायाम करना कफ दोष को नियंत्रित करने में मदद करता है. हल्की धूप में बैठना और रोजाना चलना भी मेटाबॉलिज्म को सक्रिय रखता है.
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Priyanshu has more than 10 years of experience in journalism. Before News 18 (Network 18 Group), he had worked with Rajsthan Patrika and Amar Ujala. He has Studied Journalism from Indian Institute of Mass Commu…और पढ़ें
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