झारखंड राज्य से कुल 10 प्रधानमंत्री जन औषधि केंद्र संचालकों का चयन किया गया है, जिन्हें गणतंत्र दिवस समारोह के अवसर पर दिल्ली बुलाया गया है. इनमें हजारीबाग जिले के चरही स्थित प्रधानमंत्री जन औषधि केंद्र ने पूरे राज्य में दूसरा स्थान हासिल किया है. इस केंद्र का सफल संचालन राखी सिन्हा द्वारा किया जा रहा है.
दरअसल, झारखंड राज्य से कुल 10 प्रधानमंत्री जन औषधि केंद्र संचालकों का चयन किया गया है, जिन्हें गणतंत्र दिवस समारोह के अवसर पर दिल्ली बुलाया गया है. इनमें हजारीबाग जिले के चरही स्थित प्रधानमंत्री जन औषधि केंद्र ने पूरे राज्य में दूसरा स्थान हासिल किया है. इस केंद्र का सफल संचालन राखी सिन्हा द्वारा किया जा रहा है. उनकी ईमानदार सेवा, बेहतर प्रबंधन और जनसेवा के प्रति समर्पण को सरकार ने सराहा है. जैसे ही यह खबर गांव में पहुंची, पूरे चरही क्षेत्र में खुशी और गर्व का माहौल बन गया. ग्रामीणों को गर्व है कि उनके गांव की एक महिला ने अपने काम के दम पर राष्ट्रीय स्तर पर पहचान बनाई है.
राखी सिन्हा बताती हैं कि यह उनके जीवन का सबसे बड़ा सपना है. उन्होंने कभी कल्पना भी नहीं की थी कि उनका नाम और काम दिल्ली तक पहुंचेगा. दिल्ली जाने को लेकर सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं और रेल टिकट भी बुक हो चुका है. उन्हें 24 जनवरी को दिल्ली में रिपोर्टिंग करनी है. राखी कहती हैं कि यह सम्मान सिर्फ उनका नहीं, बल्कि पूरे गांव और उन सभी लोगों का है, जिन्हें प्रधानमंत्री जन औषधि केंद्र से लाभ मिला है. यह पल उनके लिए बेहद भावुक और खास है.
दिल्ली यात्रा को लेकर राखी सिन्हा काफी उत्साहित हैं. वह पहली बार दिल्ली जा रही हैं. उन्होंने बताया कि गणतंत्र दिवस समारोह में शामिल होने के बाद वह अपने परिवार के साथ राजस्थान के प्रसिद्ध खाटू श्याम मंदिर के दर्शन करने जाएंगी. इसके साथ ही आगरा जाकर ताजमहल देखने की भी योजना है. यह यात्रा उनके लिए सम्मान के साथ-साथ यादगार अनुभव भी बनने जा रही है.
स्थानीय लोगों का मानना है कि यह सफलता केवल राखी सिन्हा की व्यक्तिगत मेहनत का नतीजा नहीं है, बल्कि यह चरही जैसे ग्रामीण क्षेत्र में स्वास्थ्य व्यवस्था में आए सकारात्मक बदलाव का भी प्रमाण है. प्रधानमंत्री जन औषधि केंद्र खुलने से ग्रामीणों को सस्ती और गुणवत्तापूर्ण दवाएं उपलब्ध हो रही हैं. पहले जहां लोगों को महंगी दवाओं के लिए हर महीने हजार रुपये या उससे अधिक खर्च करने पड़ते थे, वहीं अब वही दवाएं 50 से 75 प्रतिशत तक सस्ती दरों पर मिल रही हैं. इससे गरीब और मध्यम वर्ग के परिवारों को बड़ी राहत मिली है.
राखी सिन्हा आज महिला सशक्तिकरण की एक सशक्त मिसाल बन चुकी हैं. सुदूर ग्रामीण क्षेत्र में रहते हुए उन्होंने पूरी ईमानदारी, लगन और सेवा भाव के साथ प्रधानमंत्री जन औषधि केंद्र का संचालन किया. सरकार द्वारा उनके कार्य को सम्मानित किया जाना इस बात का प्रमाण है कि यदि नीयत साफ हो और मेहनत सच्ची हो, तो सफलता और पहचान जरूर मिलती है. कहा जाए तो हजारीबाग की बेटी की मेहनत और सेवा की गूंज अब दिल्ली तक पहुंच चुकी है.
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न्यूज़18इंडिया में कार्यरत हैं. आजतक से रिपोर्टर के तौर पर करियर की शुरुआत फिर सहारा समय, ज़ी मीडिया, न्यूज नेशन और टाइम्स इंटरनेट होते हुए नेटवर्क 18 से जुड़ी. टीवी और डिजिटल न्यूज़ दोनों विधाओं में काम करने क…और पढ़ें
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