शिक्षक सत्य प्रकाश बताते हैं कि पेंशन वेतन कटौती के मामले में उन्होंने कई बार अधिकारियों से मुलाकात की. जब यहां से कोई आश्वासन और सुनवाई नहीं हुई तो हाई कोर्ट तक गए. हाई कोर्ट का फैसला उनके पक्ष में वर्ष 2024 में आया और बकाया राशि भुगतान करने का फैसला था लेकिन डीईओ कार्यालय के अधिकारियों ने हाई कोर्ट के फैसले को भी नहीं माना. इसी मामले में चार अन्य शिक्षकों को भुगतान हो चुका है.
मानपुर उच्च विद्यालय से 2005 में रिटायर्ड सहायक शिक्षक प्रहलाद प्रसाद 1998 से लेकर 2005 तक का अंतर वेतन जो तकरीबन एक लाख रुपये है वह आज तक उन्हें नहीं मिली. इसके लिए वह सैकड़ों बार डीईओ कार्यालय का चक्कर लगाते रहे. कई चप्पलें टूट गईं लेकिन, अब तक यह राशि उन्हें प्राप्त नहीं हुई है. प्राथमिक विद्यालय बोधगया से रिटायर्ड महिला शिक्षक मनोरमा पांडे 2020 में रिटायर हुईं लेकिन, 2010 से अंतर वेतन और अर्जित अवकाश की लगभग 4 लाख रुपये राशि बकाया है जो उन्हें अब तक नहीं मिली है. मनोरमा पांडे ने बताया कि उन्हें ब्रेन का ऑपरेशन मार्च के महीने में वेल्लोर में करवाना है और इस राशि को निकलवाने के लिए कई बार कार्यालय का चक्कर काटा लेकिन कोई आश्वासन नहीं मिला. मजबूरन लोन लेकर इलाज करवाने जा रहे हैं. उन्होंने कहा कि डीएम ने 15 दिनों के अंदर बकाया राशि भुगतान करने का आश्वासन दिया है. रिटायर्ड शिक्षिका कमला कुमारी के साथ भी अंतर वेतन का ही समस्या थी.
अलग देव मध्य विद्यालय गुरारू से रिटायर हुए शिक्षक सत्य प्रकाश बताते हैं कि पेंशन वेतन कटौती के मामले में उन्होंने कई बार अधिकारियों से मुलाकात की. जब यहां से कोई आश्वासन और सुनवाई नहीं हुई तो हाई कोर्ट तक गए. हाई कोर्ट का फैसला उनके पक्ष में वर्ष 2024 में आया और बकाया राशि भुगतान करने का फैसला था लेकिन डीईओ कार्यालय के अधिकारियों ने हाई कोर्ट के फैसले को भी नहीं माना. इसी मामले में चार अन्य शिक्षकों को भुगतान हो चुका है.
मध्य विद्यालय गुरुआ से रिटायर्ड शिक्षिका शकुंतला देवी जो 2024 में रिटायर हुईं वह गंभीर बीमारी से ग्रसित हैं लेकिन, उनके अर्जित अवकाश की राशि जो लगभग 3 लाख 45 हजार रुपए है वह अब तक नहीं मिली है. शकुंतला के पति इंद्रदेव प्रसाद बताते हैं कि उनके इलाज में पैसों की जरूरत है और कई बार इस राशि को निकालने के लिए डीईओ ऑफिस गए लेकिन, यहां के कर्मचारी बकाया राशि भुगतान करने के बदले पैसों की मांग करते हैं और इसी कारण से बकाया भुगतान नहीं किया जा रहा है.
मानपुर के शिक्षक अनूप कुमार, वजीरगंज के अरुण कुमार और मध्य विद्यालय हेमाडीह की शिक्षिका पुष्पा सिंह सहित अन्य टीचरों की शिकायतों पर डीएम ने त्वरित कार्रवाई के आदेश दिये. रिटायर्ड शिक्षकों के उपादान राशि का भुगतान 15 दिनों के भीतर करने का निर्देश भी डीएम ने सुनवाई में दिया. बेलागंज बीइओ कार्यालय की कार्यप्रणाली में जानबूझकर भुगतान न करने की शिकायतों पर डीएम ने जिला निगरानी समिति से पूरी जांच कराने और आवश्यक होने पर प्राथमिकी दर्ज करने का निर्देश दिया. कोंच और बोधगया प्रखंड के बीइओ से भी शोकॉज कर स्पष्टीकरण लिया गया. डीएम ने कहा कि यदि समय पर सस्पेंड और एफआइआर की कार्रवाई होती तो आज ऐसी स्थिति नहीं बनती.
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