डीडवाना-कुचामन पुलिस ने विदेश भेजने के नाम पर ठगी करने के आरोपी को मुंबई से किया गिरफ्तार।
डीडवाना-कुचामन पुलिस ने विदेश भेजने के नाम पर लाखों रुपए की ठगी करने वाले शातिर आरोपी नावेत फ्रांसिस कोली को मुंबई से गिरफ्तार किया है। आरोपी मुंबई (महाराष्ट्र) का निवासी है और लंबे समय से फरार चल रहा था। वह पुलिस से बचने के लिए मुंबई के अलग-अलग इलाक
यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक ऋचा तोमर (आईपीएस) के निर्देशन में, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक हिमांशु शर्मा और वृत्ताधिकारी जितेंद्र सिंह (लाडनूं) के सुपरविजन में की गई। लाडनूं थानाधिकारी शिंभुदयाल ने अपनी टीम के साथ मिलकर आरोपी को पकड़ा।
पुलिस के अनुसार, वर्ष 2024 में रघुवीर सिंह (निवासी मणु), बजरंग सिंह (निवासी खोखरी) और युवराज सिंह (निवासी निम्बी जोधा) ने अलग-अलग रिपोर्ट दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया कि नावेत फ्रांसिस कोली और उसकी सहयोगी ज्योति नायडू (निवासी जोधपुर) ने उन्हें विदेश भेजने का झांसा दिया।
तीनों युवकों से प्रत्येक से 3 लाख 40 हजार रुपए आरोपी के खाते में जमा करवाए गए, लेकिन न तो उन्हें विदेश भेजा गया और न ही उनकी राशि वापस की गई। जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी नावेत फ्रांसिस कोली के खिलाफ राजस्थान, आंध्र प्रदेश सहित कई अन्य राज्यों में भी धोखाधड़ी के मामले दर्ज हैं। उसके बैंक खातों पर देश के विभिन्न हिस्सों से कुल 22 साइबर शिकायतें भी दर्ज पाई गई हैं।
आरोपी को पकड़ने के लिए पुलिस ने एक विशेष रणनीति अपनाई। लाडनूं थाने के हेड कॉन्स्टेबल प्रेमाराम ने मुंबई में कई दिनों तक संतरे का ठेला लगाकर आरोपी की निगरानी की। मुंबई में व्यापार करने वाले पोकरराम सुथार के सहयोग से आरोपी का ठिकाना पता चला और उसे गिरफ्तार कर लिया गया।
पुलिस ने आरोपी के बैंक खातों में पीड़ितों के लगभग 30 लाख रुपए फ्रीज करा दिए हैं। ठगी की गई शेष राशि को अन्य स्रोतों से बरामद करने के प्रयास जारी हैं। आरोपी सोशल मीडिया और अन्य माध्यमों से विदेशों की प्रतिष्ठित कंपनियों में नौकरी दिलाने के विज्ञापन देता था। वह युवकों को अपने जाल में फंसाकर उनसे मोटी रकम ऐंठ लेता था।
डीडवाना-कुचामन पुलिस ने आमजन से अपील की है कि विदेश नौकरी या अन्य आकर्षक ऑफरों के झांसे में आने से पहले संबंधित एजेंसी की पूरी जांच-पड़ताल अवश्य करें।
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