पहली बार ऐसा
बलवीर भागे-भागे झूले की तरफ पहुंचे. उन्होंने देखा कि झूले का एक हिस्सा नीचे गिर चुका था. वो लोगों को बाहर निकालने लगे तभी झूले का दूसरा हिस्सा भी गिर गया और बलवीर के हाथ-पैर में गंभीर चोट आई. उनका हाथ और पैर में फ्रैक्चर हो गया. शाम करीब छह बजे उन्हें बीके अस्पताल लाया गया. बलवीर दिल्ली के रहने वाले हैं और हर साल मेले में दुकान लगाते हैं. उनका कहना है इतने सालों में ऐसा हादसा पहली बार देखा है. उनके मुताबिक झूले में बैठे किसी को खास चोट नहीं आई लेकिन बचाव में भागे लोग घायल हो गए.
दवा मिलने में देरी
कविता नाम की महिला भी पास ही थीं. आवाज सुनते ही वो दौड़कर पहुंचीं. उनके स्टॉल की एक स्टाफ भी लोगों को बचाने गई थी, उसे भी चोट लग गई. कविता ने बताया कि उस समय किसी को समझ ही नहीं आ रहा था कि क्या हो रहा है. उन्होंने अपनी घायल स्टाफ को फौरन अस्पताल पहुंचाया. एक और स्टॉल संचालक विकास ने बताया कि झूले में बैठे लोगों को कुछ नहीं हुआ, लेकिन बचाने गए लोग घायल हो गए. उनके स्टॉल से बलवीर भी मदद के लिए गए थे. उन्हें गंभीर चोट लगी. विकास खुद भी बचाने गए थे, लेकिन किस्मत से साइड में खड़े थे तो बच गए. उनके मुताबिक, चार-पांच स्टॉल वाले और कुछ पुलिसवाले भी घायल हुए हैं. सभी को बीके अस्पताल ले जाया गया, जहां फर्स्ट एड मिला. विकास ने बताया बीके अस्पताल में दवाइयां मिलने में देर हो रही है.
हर कोई भाग रहा था
घायल पूजा जो घटना के समय अपने फूड स्टॉल पर थीं, उन्होंने बताया कि अचानक तेज आवाज आई. वो दौड़कर पहुंचीं तो झूला गिरा मिला. वो भी दूसरों के साथ बचाव में जुट गईं. तभी झूले का आखिरी हिस्सा गिरा और उनके पैर में चोट लग गई. पूजा ने कहा कि मौके पर भगदड़ जैसी हालत बन गए थे. हर कोई लोगों को बचाने भाग रहा था. पूजा दिल्ली के बदरपुर की रहने वाली हैं और हर साल मेले में स्टॉल लगाती हैं.
जैसे ही हादसे की खबर मिली प्रशासन हरकत में आया. एसडीएम अमित कुमार खुद बीके अस्पताल पहुंचे और घायलों का हाल जाना. Local18 से उन्होंने कहा कि झूला टूटने से जो लोग घायल हुए, उनमें ज्यादातर वही हैं जो बचाव के लिए आगे आए थे. बीके अस्पताल में चार घायलों का इलाज हो रहा है. डॉक्टरों की टीम ने जांच कर ली है. फिलहाल किसी को जानलेवा चोट नहीं है. सभी का इलाज जारी है.
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