घटना सुबह करीब चार बजे की बताई जा रही है। उस समय पूरा शहर गहरी नींद में था। अचानक जोरदार धमाके की आवाज सुनाई दी, जिससे आसपास के लोग हड़बड़ाकर जाग गए। कई लोगों ने इसे गैस सिलेंडर फटने की आवाज समझा, जबकि कुछ को लगा कि कोई बड़ा हादसा हुआ है। आवाज इतनी तेज थी कि कई मकानों की खिड़कियां तक कांप उठीं। लोग घरों से बाहर निकले और स्कूल की ओर दौड़े।
मलबे में फंसी दो बालिकाएं
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, जिस कमरे में धमाका हुआ, उसी में दो बालिकाएं सो रही थीं। मलबे के बीच से उन्हें सुरक्षित बाहर निकाला गया। दोनों को कोई गंभीर चोट नहीं आई। स्थानीय लोग इसे ईश्वर की कृपा और चमत्कार बता रहे हैं।
पुलिस और एफएसएल जांच में जुटी
घटना की सूचना मिलते ही सिटी कोतवाली थाना पुलिस मौके पर पहुंची। हालात की गंभीरता को देखते हुए फॉरेंसिक साइंस लैब (एफएसएल) टीम को भी बुलाया गया। पुलिस ने स्कूल परिसर को घेरकर आम लोगों की आवाजाही पर रोक लगाई और मलबे को हटाने का काम शुरू करवाया। अधिकारियों ने कमरे का बारीकी से निरीक्षण किया और वहां मौजूद हर सामान को जांच के दायरे में लिया।
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धमाके की वजह साफ नहीं
प्रारंभिक जांच में यह साफ नहीं हो पाया कि धमाका किस वजह से हुआ। हालांकि राहत की बात यह रही कि कमरे में रखी दो गैस टंकियां सुरक्षित मिलीं, जिससे गैस सिलेंडर फटने की संभावना फिलहाल कम मानी जा रही है। जांच में यह भी देखा जा रहा है कि कहीं बिजली का शॉर्ट सर्किट, कोई रासायनिक पदार्थ या अन्य विस्फोटक तत्व तो कमरे में मौजूद नहीं था।
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