उनका कहना था कि अगर सालभर ध्यान से पढ़ाई की हो, तो फिजिक्स भी डरावना नहीं लगता. पेपर 70 नंबर का था, करीब 32 सवाल आए थे. कुछ सवाल थोड़े घुमा-फिराकर पूछे गए, लेकिन जिनका कॉन्सेप्ट क्लियर था, उन्हें कोई दिक्कत नहीं हुई.
टीचर्स ने जैसा पढ़ाया था, वैसा ही पेपर आया
Local18 से बात करते हुए प्रिंस ने बताया कि उसकी तैयारी पूरी थी और उसने सारे सवाल कर लिये. प्रिंस ने कहा कि टीचर्स ने जैसा पढ़ाया था, वैसा ही पेपर आया. एक-दो सवाल अलग थे, बाकि सब आसान था. अगर कोई बच्चा सिर्फ पास होना चाहे, तो दो घंटे पढ़कर भी पास हो सकता है. दसवीं में उसके 83.5 प्रतिशत थे, अब 90 प्रतिशत से ऊपर लाने की कोशिश कर रहा है. वो नीट की भी तैयारी कर रहा है. घर पर ही पढ़ता है और ट्यूशन भी नहीं जाता है.
90 प्रतिशत कर आएंगे नंबर
रोहित अग्रवाल ने भी पेपर को अच्छा बताया. उनके मुताबिक, एक-दो सवाल छूट गए, लेकिन बाकी सब ठीक हो गया. उसे उम्मीद है कि 12वीं में 90 प्रतिशत से ज्यादा आएंगे. रोहित ऑनलाइन कोचिंग करता है और आगे मेडिकल की तैयारी करेगा.
वहीं भूमिका ने कहा कि पेपर काफी अच्छा गया और उसे 95 प्रतिशत तक उम्मीद है, क्योंकि अब तक सारे पेपर अच्छे हुए हैं. वो आर्मी में जाना चाहती है और घर पर पढ़ाई करती है. अंजली ने पेपर को मीडियम लेवल का बताया. उसके हिसाब से पिछले साल से हल्का पेपर था. उसका अगला पेपर पेंटिंग का है, जिसकी तैयारी उसने कर ली है.
जो पढ़ी, पेपर में वही आया
कुमकुम ने कहा कि वह सभी सवाल करके आई है और 90 प्रतिशत से ऊपर की उम्मीद है. उसने दसवीं और बारहवीं दोनों में ट्यूशन नहीं लिया, घर पर ही पढ़ी. निभा ने बताया कि पेपर पिछले साल जैसा ही था और टाइम पर पूरा हो गया. उसने ज्यादा एक्स्ट्रा पढ़ाई नहीं की, लेकिन जो पढ़ा वही आ गया, इसलिए पेपर आसान लगा.
कृति ने कहा कि फरवरी से वह रोज 5 से 6 घंटे फिजिक्स पढ़ रही थी, अब मेडिकल कोर्स करना चाहती है. प्रिया शर्मा ने बताया कि पेपर उसकी उम्मीद से भी बेहतर गया और आगे वो साइकोलॉजी के फील्ड में जाना चाहती है. लक्ष्यता ने भी पेपर आसान बताया, लेकिन बोली कि पढ़ाई का कोई फिक्स टाइम नहीं था. जब मन करता था, पढ़ लेती थी. फिर भी 80 प्रतिशत आने की उम्मीद है.
कुछ का पेपर गया खराब
सबके लिए दिन इतना अच्छा नहीं रहा. निकेत ने कहा कि उसका पेपर अच्छा नहीं गया, क्योंकि उसने पढ़ाई ही नहीं की थी. उसके मुताबिक, पेपर आसान था, लेकिन सवाल आते नहीं थे, इसलिए कई प्रश्न छोड़ने पड़े. कुल मिलाकर CBSE के इस फिजिक्स पेपर ने फरीदाबाद के बच्चों को राहत दी है. बच्चों की मानें तो इस बार फिजिक्स का डर कम हो गया. अब सबकी नजरें अगले केमिस्ट्री पेपर पर हैं.
Discover more from India News
Subscribe to get the latest posts sent to your email.