Makar sankranti: इस दिन सर्वार्थ सिद्धि योग और अमृत सिद्धि योग का भी निर्माण हो रहा है, जिससे दान-पुण्य और पूजा का महत्व कई गुना बढ़ जाता है. साधुओं, दीन-दुखी निर्धन और जरूरतमंदों को दान देने से भगवान सूर्य की विशेष कृपा मिलेगी . सूर्य देव भगवान सूर्य का प्रवेश मकर राशि में गोचर करने से मकर संक्रांति उत्तरायण का शुभारंभ होता है.
अमृत सिद्धि योग बन रहा है
जप और दान करने का मिलता है लाभ
मकर संक्रांति को विशेष महत्व माना जाता है. ऐसी मान्यता है कि सूर्य देव भगवान सूर्य के मकर राशि में प्रवेश से ही पिता-पुत्र के संबंधों में सुधार की एक प्रतिक्रिया होती है. इस समय जप, दान और पूजा का फल शीघ्र प्राप्त होता है. खरमास खत्म हो जाती है और मछुंडा आती है . इस मौसम में बदलवा ठंड की शुरुआत होती है. पंडित शंभू नाथ झा ने बताया कि मकर संक्रांति के दिन दान-पुण्य करने से विशेष कृपा प्राप्त होती है. इस दिन भगवान सूर्य की पूजा करने से जीवन में सुख-समृद्धि और धन की प्राप्ति होती है. मकर संक्रांति के दिन स्नान, दान और पूजा का विशेष महत्व है. इस दिन लोग अपने पूर्वजों के लिए भी दान-पुण्य करते हैं और उनकी आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना करते हैं .
मकर संक्रांति का त्योहार भारत में बड़े धूमधाम से मनाया जाता है. इस दिन लोग नए कपड़े पहनते हैं, अपने परिवार और दोस्तों के साथ मिलकर दान-पुण्य करते हैं और खुशियों का आदान-प्रदान करते हैं. मकर संक्रांति के दिन लोग अपने जीवन में सकारात्मकता और ऊर्जा का संचार करते हैं और अपने लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए प्रेरित होते हैं.
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मैं रजनीश कुमार यादव, 2019 से पत्रकारिता से जुड़ा हूं. तीन वर्ष अमर उजाला में बतौर सिटी रिपोर्टर काम किया. तीन वर्षों से न्यूज18 डिजिटल (लोकल18) से जुड़ा हूं. ढाई वर्षों तक लोकल18 का रिपोर्टर रहा. महाकुंभ 2025 …और पढ़ें
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