चंडीगढ़ में पत्रकारवार्ता करते हुए जतिंदरपाल मलहोत्रा व अन्य भाजपा नेता।
चंडीगढ़ में न तो पहले मनरेगा के तहत कोई खास काम हुआ और न ही अब विकसित भारत–गारंटी फॉर रोजगार और आजीविका मिशन (ग्रामीण) यानी G-Ram-G का सीधा प्रभाव दिखाई देता है। यहां पंचायती सिस्टम लगभग न के बराबर है, न नियमित मनरेगा मजदूर हैं और न ही ग्रामीण स्तर प
एक तरफ कांग्रेस इस योजना के विरोध में आंदोलन की तैयारी कर रही है, वहीं भाजपा इसके समर्थन में प्रचार अभियान चलाएगी। दोनों ही दलों ने अपने-अपने स्तर पर तैयारियां शुरू कर दी हैं।
भाजपा जिला व मंडल स्तर पर गिनाएगी खूबियां
भाजपा की रणनीति के तहत पहले जिला स्तर और फिर मंडल स्तर पर G-Ram-G की खूबियों को जनता के बीच रखा जाएगा। पार्टी का दावा है कि यह योजना रोजगार और आजीविका में पारदर्शिता लाने वाली है।
चंडीगढ़ भाजपा कार्यालय में पत्रकारवार्ता के दौरान भाजपा प्रदेश अध्यक्ष जतिंदरपाल मलहोत्रा व अन्य।
‘बड़े घोटालों के बाद ही करनी पड़ी डिजिटलाइजेशन’ – मलहोत्रा
चंडीगढ़ भाजपा कार्यालय में आयोजित पत्रकारवार्ता में प्रदेश अध्यक्ष जतिंदरपाल मलहोत्रा ने कहा कि समय-समय पर सामने आई भारी धांधलियों के कारण ही सरकार को योजनाओं का डिजिटलाइजेशन करना पड़ा। उन्होंने कहा,“पहले फर्जी स्कॉलरशिप घोटाले सामने आए, फिर फर्जी राशन कार्डों की वजह से सिस्टम को डिजिटल करना पड़ा। मनरेगा में तो हालात और भी गंभीर थे।”
मलहोत्रा ने आरोप लगाया कि
- एक ही सड़क कागजों में चार-चार बार बनाई गई,
- 85 साल की महिलाओं को मनरेगा मजदूर दिखाया गया,
- यहां तक कि मरे हुए लोगों के नाम पर भी एंट्रियां दर्ज थीं।
उन्होंने कहा कि ऐसी धांधलियों के चलते ही स्कीम की संरचना में बदलाव जरूरी हो गया।
मनरेगा से महात्मा गांधी का नाम हटाने पर कांग्रेस के विरोध पर पलटवार करते हुए मलहोत्रा ने कहा,“क्या कांग्रेस ने अपने उन नेताओं को नजरअंदाज नहीं किया, जिन्होंने देश निर्माण में बड़ा योगदान दिया? जब कांग्रेस भ्रम फैलाएंगी, तो भाजपा इसके पक्ष में प्रचार करेगी।”

चंडीगढ़ में प्रदर्शन संबंधी मीटिंग करते हुए चंडीगढ़ कांग्रेस नेता।
कांग्रेस का ऐलान: 11 को लेबर चौक पर धरना
उधर, कांग्रेस ने चंडीगढ़ में G-Ram-G के खिलाफ संघर्ष का ऐलान कर दिया है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष एच.एस. लक्की ने केंद्र सरकार द्वारा मनरेगा का नाम बदलकर “विकसित भारत गारंटी” किए जाने की कड़े शब्दों में निंदा की।
कांग्रेस नेताओं का कहना है कि“मनरेगा केवल एक योजना नहीं, बल्कि महात्मा गांधी के विचारों और गरीब-मजदूर-ग्रामीण भारत के अधिकारों से जुड़ा कानून था। नाम बदलकर गांधी जी के योगदान को कमतर आंकने की कोशिश की जा रही है।”
कांग्रेस ने इसे जन-जन तक पहुंचाने के लिए चरणबद्ध आंदोलन का ऐलान किया है।
- 10 तारीख को चंडीगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी विस्तृत प्रेस कॉन्फ्रेंस करेगी।
- 11 तारीख को सेक्टर-44/45 स्थित लेबर चौक पर सुबह 11:30 से 1 बजे तक धरना दिया जाएगा।
धरने में बड़ी संख्या में कांग्रेस नेता, कार्यकर्ता, मजदूर संगठन और आम नागरिक शामिल होंगे।
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