Darbhanga Raj News: दरभंगा राज परिवार की आखिरी महारानी कामसुंदरी देवी का सोमवार को निधन हो गया. उनके पैतृक गांव मंगरौली में शोक की लहर है. गांव वालों ने उनके अंतिम संस्कार तक चूल्हा नहीं जलाया. महारानी ने गांव में कई विकास कार्य किए थे.
हमने गांव के स्थानीय लोगों से जानकारी लेनी प्रारंभ की. उनके पड़ोसी बुजुर्ग हरिकांत झा बताते हैं कि महारानी चार बहन थीं, जिसमें से वह सबसे छोटी बहन थीं. तीसरे नंबर की बहन अपने मां के साथ यानी कि अपने मायके में ही रह गई. एक बहन की शादी सरसोंपाही तो दूसरी बहन की शादी बड़कागांव में हुई है. तीसरी बहन मां के साथ रह गई इसी गांव में, चौथी बहन महारानी थीं, जिनकी शादी दरभंगा महाराज के साथ हुई थी.
गांव में करवाया था मंदिर और तालाब का निर्माण
इस मकान में महारानी की बहन का लड़का देवनाथ झा और एक देवनाथ झा यह दोनों काम सुंदरी देवी की बहन के लड़के हैं जो इस घर में आया जाया करते हैं. जब काम सुंदरी महारानी थीं, उसे वक्त गांव में उनका बहुत ही दिया हुआ है. गांव में जितने भी तालाब और मंदिर हैं, उनके द्वारा ही निर्माण करवाया गया है. उनके देहांत के बाद गांव में शोक की लहर है.
निधन के शोक से खाना-पीना बंद
कई लोगों ने तो संस्कार कर्म सम्पन्न होने तक खाना तक नहीं खाया. गांव के लोगों ने बताया कि महारानी बहुत ही दयालु और सहृदय थीं. उन्होंने गांव के लोगों के लिए बहुत कुछ किया है. महारानी कामसुंदरी देवी के निधन पर दरभंगा राज परिवार के सदस्यों और आम लोगों ने शोक व्यक्त किया है. उनकी आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की जा रही है.
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